संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर आई है। मानव संसाधन और अमीरात मंत्रालय (MoHRE) ने सैलरी भुगतान को लेकर नया नियम जारी किया है जो 1 जून 2026 से लागू होने जा रहा है। अब नियोक्ताओं को हर हाल में महीने की पहली तारीख तक अपने कर्मचारियों की सैलरी देनी होगी, क्योंकि सरकार ने पहले मिलने वाले 15 दिनों के ग्रेस पीरियड को पूरी तरह से खत्म कर दिया है।
नए नियम के तहत कब तक मिलेगी सैलरी और क्या है 85% का नियम?
मंत्रालय के नए आदेश (प्रस्ताव संख्या 0340) के अनुसार, प्राइवेट कंपनियों को हर महीने की पहली तारीख तक पिछले महीने की सैलरी देनी होगी। अगर सैलरी पहली तारीख के बाद दी जाती है, तो उसे देरी से किया गया भुगतान माना जाएगा। कंपनियों को कानूनन सही रहने के लिए अपने कुल कर्मचारियों की कम से कम 85% सैलरी समय पर भेजनी होगी। यह सैलरी वेज प्रोटेक्शन सिस्टम (WPS) या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी अन्य माध्यम से ही भेजी जानी चाहिए। एक्सपर्ट्स ने कंपनियों को सलाह दी है कि वे हर महीने की 26 से 29 तारीख के बीच ही सैलरी प्रोसेस करना शुरू कर दें ताकि बैंक हॉलिडे या प्रोसेसिंग में होने वाली देरी से बचा जा सके।
सैलरी देने में देरी होने पर कंपनियों को क्या सजा मिलेगी?
नए नियमों के तहत सैलरी में देरी होने पर अलग-अलग दिनों के हिसाब से कड़े कदम उठाए जाएंगे जो इस प्रकार हैं:
- दूसरे दिन से: मंत्रालय की ओर से निगरानी शुरू हो जाएगी और नियोक्ता को चेतावनी भेजी जाएगी।
- पांचवें दिन से: कंपनी के नए वर्क परमिट जारी करने पर रोक लगा दी जाएगी।
- ग्यारहवें दिन से: कंपनी पर जुर्माना लगाया जाएगा और उसकी कैटेगरी को घटा दिया जाएगा।
- सोलहवें दिन से: कर्मचारियों के विवाद को सीधे दर्ज कर लिया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों के देश छोड़ने पर भी पाबंदी (ट्रैवल बैन) लगाई जा सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE में नया सैलरी नियम कब से लागू हो रहा है?
UAE में वेज प्रोटेक्शन सिस्टम (WPS) से जुड़ा नया सैलरी नियम 1 जून 2026 से लागू होने जा रहा है।
सैलरी मिलने में देरी होने पर क्या कोई ग्रेस पीरियड मिलेगा?
नहीं, नए नियमों के अनुसार पहले मिलने वाले 15 दिनों के ग्रेस पीरियड को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। महीने की पहली तारीख के बाद भुगतान करने पर उसे देरी माना जाएगा।
क्या सैलरी न देने पर अधिकारियों के ट्रैवल बैन की भी व्यवस्था है?
हां, अगर सैलरी देने में 16 दिनों से ज्यादा की देरी होती है, तो कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई के तहत ट्रैवल बैन लगाया जा सकता है।