UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान और न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच 30 अप्रैल 2026 को एक फोन कॉल हुई। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे बड़े क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। इस मुलाकात का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करना और विकास के नए रास्ते खोलना है।

CEPA समझौता क्या है और इससे क्या फायदा होगा?

दोनों नेताओं ने कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) के तहत मिलने वाले अवसरों को बढ़ाने पर जोर दिया। इस समझौते की खास बातें नीचे दी गई हैं:

  • यह समझौता 28 अगस्त 2025 से लागू हो चुका है।
  • न्यूज़ीलैंड से होने वाले निर्यात पर 99% तक टैरिफ खत्म कर दिए जाएंगे, जो 2027 की शुरुआत तक पूरा हो जाएगा।
  • UAE से न्यूज़ीलैंड जाने वाले सामान पर तुरंत पूरा टैरिफ हटा दिया गया है।
  • इस समझौते में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और टिकाऊ विकास जैसे 22 चैप्टर शामिल हैं।

निवेश और ग्लोबल सुरक्षा पर क्या चर्चा हुई?

व्यापार के अलावा दोनों देशों ने निवेश और वैश्विक स्थिरता पर भी बात की। इस संबंध में निम्नलिखित जानकारियां सामने आईं:

  • 18 नवंबर 2025 को दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय निवेश संधि (BIT) लागू हुई, जिससे निवेशकों के लिए नियम आसान हो गए हैं।
  • UAE के विदेश व्यापार मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़यौदी ने CEPA को एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है।
  • दोनों नेताओं ने दुनिया में स्थिरता, एनर्जी सिक्योरिटी और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक रास्तों को सुरक्षित रखने की जरूरत पर सहमति जताई।
  • न्यूज़ीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्लाय के अनुसार BIT और CEPA मिलकर दोनों देशों के बीच निवेश को काफी बढ़ाएंगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE और न्यूज़ीलैंड के बीच CEPA समझौता कब लागू हुआ?

दोनों देशों के बीच कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) आधिकारिक तौर पर 28 अगस्त 2025 से लागू हुआ था।

BIT संधि का मुख्य उद्देश्य क्या है?

New Zealand-UAE Bilateral Investment Treaty (BIT) का उद्देश्य दोनों देशों के बीच निवेश को बढ़ावा देना और निवेशकों के लिए स्पष्ट और पारदर्शी नियम बनाना है।