UAE के नेशनल मीडिया अथॉरिटी (NMA) के चेयरमैन अब्दुल्ला बिन मोहम्मद बिन बुत्ती अल हामिद ने एक महत्वपूर्ण बैठक में मीडिया की भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में मीडिया की लड़ाई किसी भी तरह से हथियारों की लड़ाई से कम नहीं है। यह बात उन्होंने GCC के सूचना मंत्रियों की एक विशेष मीटिंग के दौरान कही। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में मीडिया की संप्रभुता को परिभाषित करना और सुरक्षा के लिहाज से सटीक जानकारी के प्रसार को सुनिश्चित करना था।
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सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वालों के लिए क्या हैं नए नियम?
NMA ने आम जनता और मीडिया में काम करने वाले लोगों के लिए कुछ सख्त निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों का पालन करना अनिवार्य है:
- जनता को केवल आधिकारिक UAE अधिकारियों और डिजिटल चैनलों से मिली जानकारी ही साझा करने के निर्देश दिए गए हैं।
- बिना आधिकारिक स्रोत के किसी भी तरह का वीडियो, ऑडियो या फोटो रिकॉर्ड करना और उसे सोशल मीडिया पर डालना मना है।
- अफवाहें फैलाना या ऐसी सामग्री पोस्ट करना जो सार्वजनिक हितों और निजता को नुकसान पहुंचाती है, कानूनी अपराध माना जाएगा।
- नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ UAE के मीडिया और साइबर क्राइम कानूनों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
- किसी भी संदिग्ध जानकारी या अफवाह की रिपोर्ट स्टेट सिक्योरिटी विभाग के हॉटलाइन नंबर पर की जा सकती है।
आम जनता और प्रवासियों पर इसका क्या असर होगा?
UAE में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और अन्य लोगों को अब अपने डिजिटल व्यवहार को लेकर अधिक सावधान रहना होगा। चेयरमैन ने याद दिलाया कि हर व्यक्ति अपने देश का एम्बेसडर है और उसकी हर सोशल मीडिया पोस्ट देश की छवि को प्रभावित करती है। क्षेत्रीय तनाव के बावजूद, सरकार ने पुष्टि की है कि बिजली, पानी, टेलीकॉम और स्वास्थ्य जैसी सभी जरूरी सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं। कुछ विशेष क्षेत्रों में एहतियात के तौर पर ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की गई है। सरकार का मुख्य उद्देश्य गलत सूचनाओं को रोककर सामाजिक स्थिरता बनाए रखना है।
