UAE के गैर-तेल प्राइवेट सेक्टर में ग्रोथ तो हो रही है, लेकिन इसकी रफ़्तार अब धीमी पड़ती जा रही है। S&P Global की नई रिपोर्ट के मुताबिक, इलाके में चल रही उथल-पुथल का असर अब बिजनेस पर दिखने लगा है। इसका सीधा असर कंपनियों की कमाई और नई भर्तियों पर पड़ रहा है।

ℹ️: Iran: राष्ट्रपति पेज़ेशकियन का बड़ा बयान, खामेनेई की शहादत से देश होगा और मजबूत

बिजनेस की रफ़्तार में आई कमी

S&P Global की रिपोर्ट के अनुसार, UAE के नॉन-ऑयल प्राइवेट सेक्टर की ग्रोथ अब पहले जैसी तेज़ नहीं रही। जून 2026 के आंकड़ों को देखें तो PMI इंडेक्स गिरकर 50.8 पर आ गया है, जबकि मई 2026 में यह 52.6 था। यह फरवरी 2021 के बाद सबसे कमजोर स्थिति है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ग्राहकों द्वारा सोच-समझकर खर्च करने की वजह से बिजनेस एक्टिविटी पिछले पांच सालों में सबसे धीमी रफ़्तार से बढ़ी है।

इससे पहले जुलाई 2024 में भी ग्रोथ में कमी देखी गई थी, तब PMI 54.6 से गिरकर 53.7 हो गया था। कंपनियों ने अपनी कीमतें तो बढ़ाईं, लेकिन लागत बढ़ने की वजह से उनका मुनाफा कम हुआ।

नौकरियों पर पड़ा असर

सबसे चिंता की बात यह है कि जून 2026 में पहली बार पिछले चार सालों में रोजगार में गिरावट आई है। अगस्त 2020 के बाद यह सबसे बड़ी गिरावट है। ग्राहकों की मांग कम होने और खर्च बढ़ने की वजह से कंपनियों ने अब नई भर्तियां कम कर दी हैं। हालांकि, सरकारी निवेश और पुराने कॉन्ट्रैक्ट्स की वजह से बिजनेस कॉन्फिडेंस अभी भी स्थिर बना हुआ है।

महंगाई और लागत का दबाव

ट्रांसपोर्ट फीस और कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से कंपनियों की लागत बढ़ गई है। इस वजह से कंपनियों को अपनी सेवाओं और सामान के दाम बढ़ाने पड़े।

विवरण आंकड़े / रिपोर्ट
जुलाई 2024 PMI 53.7
जून 2024 PMI 54.6
2024 ग्रोथ अनुमान (Emirates NBD) 5.0%
2023 ग्रोथ अनुमान 6.2%
जून 2026 PMI 50.8
मई 2026 PMI 52.6
रोजगार स्थिति (जून 2026) गिरावट
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.