संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने आर्थिक मोर्चे पर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। साल 2026 की पहली छमाही में देश का नॉन-ऑयल विदेशी व्यापार बढ़कर 1.937 ट्रिलियन दिरहम (लगभग 527 अरब डॉलर) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। 19 जुलाई 2026 को यूएई के उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और दुबई के शासक हिज़ हाइनेस शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने इन आंकड़ों की जानकारी दी। यह आंकड़ा साल 2025 की समान अवधि के मुकाबले 13.1 प्रतिशत की सालाना वृद्धि को बताता है।

निर्यात में जबरदस्त उछाल

इस विकास में नॉन-ऑयल एक्सपोर्ट यानी तेल के अलावा अन्य सामानों के निर्यात का बड़ा हाथ रहा है। इन निर्यात का मूल्य 452.8 अरब दिरहम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 23.9 प्रतिशत ज्यादा है। अर्थव्यस्था के जानकारों के अनुसार, यह देश के प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट मॉडल में बड़े बदलाव का संकेत है। अर्थव्यवस्था मंत्री डॉ. थानी अल ज़ायौदी ने बताया कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद यूएई व्यापार और निवेश के लिए एक भरोसेमंद वैश्विक हब बना हुआ है।

व्यापार के प्रमुख आंकड़े

यूएई के व्यापारिक रिश्तों की स्थिति काफी मजबूत रही है। व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौतों (CEPA) के तहत देशों के साथ कुल व्यापार 304.3 अरब दिरहम दर्ज किया गया है। व्यापारिक भागीदारों में चीन पहले, स्विट्जरलैंड दूसरे और भारत तीसरे स्थान पर रहा है। मुख्य कमोडिटीज की सूची नीचे दी गई है:

कमोडिटी व्यापार में स्थिति
Gold सबसे ज्यादा कारोबार (706.2 अरब दिरहम)
Telecoms प्रमुख स्थान
Gold Jewelry प्रमुख स्थान
Automobiles प्रमुख स्थान
Diamonds प्रमुख स्थान

सोने के व्यापार में पिछले साल के मुकाबले 48.8 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी देखी गई है। कुल मिलाकर टॉप 10 वस्तुओं का हिस्सा देश के कुल नॉन-ऑयल व्यापार का करीब 67 प्रतिशत है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.