संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बराक (Barakah) न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हुए ड्रोन हमले को लेकर खाड़ी देशों में तनाव बना हुआ है। इस मामले में अमेरिका की ओर से लगाए गए आरोपों पर ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में आधिकारिक तौर पर इन आरोपों को खारिज कर दिया है और इसे पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। सुरक्षा परिषद को लिखे पत्र में ईरान ने कहा है कि उसका इस हमले से कोई संबंध नहीं है।

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UAE के Barakah न्यूक्लियर प्लांट पर क्या हुआ था?

17 मई 2026 को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बराक न्यूक्लियर पावर प्लांट के बाहरी हिस्से में मौजूद एक बिजली जनरेटर पर ड्रोन हमला हुआ था, जिसके बाद वहां आग लग गई थी। इस घटना के बाद 19 मई को अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सीधे तौर पर ईरान को इस हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया था। वहीं, यूएई प्रशासन ने बताया कि पिछले 48 घंटों में इराक की तरफ से उनकी सीमा में छह ड्रोन दागे गए थे, जिनमें से एक ने न्यूक्लियर प्लांट को निशाना बनाया था। यूएई की फेडरल अथॉरिटी फॉर न्यूक्लियर रेगुलेशन और इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने साफ किया कि न्यूक्लियर प्लांट पूरी तरह सुरक्षित है और रेडिएशन का कोई खतरा नहीं है।

ईरान ने UN में क्या सफाई दी है?

ईरान के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत अमीर सईद इरावानी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को एक औपचारिक पत्र लिखकर अमेरिकी आरोपों का कड़ा विरोध किया है। ईरान ने अपने पत्र में निम्नलिखित मुख्य बातें कही हैं:

  • ईरान का कहना है कि अमेरिका के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और इनके पीछे कोई ठोस सबूत नहीं है।
  • शांतिपूर्ण परमाणु ठिकानों पर किसी भी तरह का हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन है जिससे पर्यावरण को बड़ा खतरा हो सकता है।
  • ईरान खुद जून 2025 और फरवरी 2026 में अपने परमाणु केंद्रों (नतांज, फ़ोरडो, इस्फ़हान और बुशहर) पर हमलों का शिकार रहा है।
  • क्षेत्र में अस्थिरता का मुख्य कारण अमेरिका और इजरायल की आक्रामक नीतियां हैं।

इराक और अमेरिका का इस मामले पर क्या स्टैंड है?

यूएई की ओर से ड्रोन हमले का कनेक्शन इराक से जोड़े जाने के बाद इराक के प्रधानमंत्री ने अपनी सीमा से हुए इन हमलों की निंदा की है। इराक ने सऊदी अरब और यूएई पर हुए इन हमलों की संयुक्त जांच कराने का वादा किया है। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि वह जल्द ही बातचीत की मेज पर आए, नहीं तो उसे बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, खाड़ी देशों के नेताओं के अनुरोध पर फिलहाल अमेरिका ने अपनी सैन्य कार्रवाई को टाल दिया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE के बराक न्यूक्लियर प्लांट पर हमला कब हुआ था?

बराक न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन हमला 17 मई 2026 को हुआ था, जिससे प्लांट के बाहरी हिस्से में लगे जनरेटर में मामूली आग लग गई थी।

क्या इस हमले से परमाणु विकिरण या रेडिएशन का कोई खतरा हुआ है?

नहीं, यूएई की न्यूक्लियर रेगुलेटरी अथॉरिटी और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने पुष्टि की है कि प्लांट पूरी तरह सुरक्षित है और रेडिएशन स्तर सामान्य है।

ईरान ने इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी है?

ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को पत्र लिखकर इन आरोपों को खारिज किया है और इन्हें पूरी तरह बेबुनियाद और सबूत रहित बताया है।