UAE अपनी तेल निर्यात क्षमता को बढ़ाने के लिए एक नई और बड़ी पाइपलाइन बना रहा है। यह पाइपलाइन होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते को बायपास करेगी जिससे तेल भेजने में आसानी होगी। UAE के उद्योग मंत्री और ADNOC के CEO सुल्तान अल जाबेर ने बताया कि इस काम का 50 प्रतिशत हिस्सा पहले ही पूरा हो चुका है।
यह नई पाइपलाइन क्यों बनाई जा रही है और इससे क्या फायदा होगा?
UAE अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना चाहता है ताकि दुनिया को तेल भेजने में कोई रुकावट न आए। फिलहाल तेल भेजने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल होता है, जहां अक्सर तनाव बना रहता है। नई पाइपलाइन के जरिए तेल सीधे फुज़ैरह (Fujairah) पोर्ट तक पहुंचेगा। इस प्रोजेक्ट से UAE की तेल भेजने की क्षमता दोगुनी हो जाएगी। अभी जो ADCOP पाइपलाइन है उसकी क्षमता 15 लाख बैरल प्रतिदिन है, जिसे बढ़ाकर 18 लाख बैरल तक किया जा सकता है।
प्रोजेक्ट की लागत कितनी है और यह कब तक तैयार होगा?
ADNOC ने साल 2026 से 2028 के बीच नए प्रोजेक्ट्स के लिए 200 अरब दिरहम (लगभग 55 अरब डॉलर) के निवेश का ऐलान किया है। इसी फंड का इस्तेमाल बुनियादी ढांचे और पाइपलाइनों के काम को तेज करने के लिए किया जाएगा। अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद ने ADNOC को इस “West-East Pipeline” प्रोजेक्ट के काम में तेजी लाने का आदेश दिया है। यह नई पाइपलाइन साल 2027 तक पूरी तरह चालू हो जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE की नई पाइपलाइन का काम कितना पूरा हो चुका है?
मंत्री सुल्तान अल जाबेर के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य को बायपास करने वाली इस नई पाइपलाइन का 50 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।
इस प्रोजेक्ट पर कितना निवेश किया जा रहा है और यह कब तक तैयार होगा?
ADNOC ने 2026-2028 के लिए 200 अरब दिरहम ($55 बिलियन) के निवेश की घोषणा की है और इस पाइपलाइन के 2027 तक चालू होने की उम्मीद है।
