UAE में ऑयल टैंकर पर मिसाइल हमला, ईरान पर लगा बड़ा आरोप, लगातार हो रहे हैं जहाजों पर खतरे.

होर्मुज जलडमरूमध्य से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ शनिवार की सुबह संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE की सरकारी तेल कंपनी ADNOC के एक तेल टैंकर को मिसाइल से निशाना बनाया गया। इस घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है हालांकि गनीमत यह रही कि इस हमले में किसी के भी घायल होने की कोई सूचना सामने नहीं आई है और स्थिति अभी पूरी तरह से अधिकारियों के नियंत्रण में है। Gulf देशों में लगातार बढ़ते इन हमलों की वजह से वहाँ काम करने वाले आम लोगों और भारतीय प्रवासियों के बीच भी चिंता का माहौल बनता जा रहा है क्योंकि समुद्री रास्तों पर इस तरह की हिंसा व्यापार और सुरक्षा दोनों के लिए बड़ा खतरा बन रही है।
यूएई और जीसीसी ने की कड़ी निंदा
घटना के तुरंत बाद UAE के विदेश मंत्रालय और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल यानी GCC ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसके पीछे सीधा हाथ Iran का बताया है। GCC के महासचिव Jassim Mohamed Al-Budaiwi ने साफ तौर पर कहा है कि समुद्री यातायात की सुरक्षा के साथ ऐसा खिलवाड़ करना बेहद गंभीर और किसी भी कीमत पर स्वीकार न करने योग्य मामला है। आधिकारिक बयानों के जरिए यह साफ कर दिया गया है कि इस तरह की हरकतें क्षेत्रीय शांति को बिगाड़ने का काम कर रही हैं और इस पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
एक हफ्ते में तीन जहाजों पर हमले
तेल कंपनी ADNOC ने जानकारी साझा करते हुए बताया है कि अकेले इसी सप्ताह उनके 3 जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ा है। कंपनी का यह भी कहना है कि जब से युद्ध जैसे हालात शुरू हुए हैं, तब से उनके कुल 15 जहाज इस तरह के हमलों की चपेट में आ चुके हैं। इन तमाम घटनाओं में अब तक चालक दल के एक सदस्य की जान जाने की दुखद खबर सामने आई है जबकि लगभग 20 लोग घायल भी हुए हैं। इन लगातार हो रही घटनाओं से वहां सफर करने वाले कर्मचारियों और काम करने वाले प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।
ईरान के मीडिया ने भी की पुष्टि
दूसरी तरफ ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC से जुड़े मीडिया संस्थानों ने भी UAE के तेल टैंकर पर हमला होने की बात स्वीकार की है। हालांकि अभी तक ADNOC कंपनी की तरफ से जहाज पर हमले की बिल्कुल सटीक और अंदर की जगह की स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट नहीं की गई है। आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने आने से खाड़ी देशों में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है जिसका असर अप्रत्यक्ष रूप से वहां की आम जिंदगी और कामकाज पर भी देखने को मिल रहा है।