UAE और Oman ने अपनी अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए हाथ मिलाया है। अबू धाबी में हुई एक अहम बैठक में दोनों देशों ने बिजनेस और निवेश के नए रास्तों पर चर्चा की। इसमें खाने-पीने की सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और एनर्जी जैसे महत्वपूर्ण सेक्टर शामिल हैं ताकि दोनों देशों का विकास तेजी से हो सके।

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UAE और Oman किन सेक्टर में मिलकर काम करेंगे?

दोनों देशों ने कई खास क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने पर सहमति जताई है। इसमें मुख्य रूप से फूड सिक्योरिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन, एनर्जी और इंडस्ट्री जैसे सेक्टर शामिल हैं। इसका मकसद व्यापार को आसान बनाना और प्राइवेट सेक्टर के बीच सहयोग बढ़ाना है। दोनों पक्ष अब नए और अलग तरह के प्रोजेक्ट्स शुरू करने की योजना बना रहे हैं।

UAE की अर्थव्यवस्था और ओमान कंपनियों की स्थिति

आंकड़ों की बात करें तो UAE के बाजारों में इस समय 9,180 से ज्यादा ओमान की कंपनियां काम कर रही हैं। साथ ही करीब 550 ओमान के ट्रेडमार्क भी यहाँ रजिस्टर्ड हैं। UAE की अर्थव्यवस्था भी काफी मजबूत है और 2026 में इसके 3.1% से ज्यादा बढ़ने का अनुमान है। खास बात यह है कि देश की जीडीपी (GDP) में नॉन-ऑयल सेक्टर का हिस्सा अब 78% तक पहुंच गया है।

फ्री जोन और स्पेशल इकोनॉमिक जोन पर क्या चर्चा हुई?

बैठक के दौरान दोनों देशों के स्पेशल इकोनॉमिक जोन और फ्री जोन को आपस में जोड़ने पर बात हुई। इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा और बिजनेस करने का माहौल और बेहतर होगा। साथ ही Al Rawdah Special Economic Zone के प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की गई और स्थानीय वैल्यू बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई। यह सारी बातचीत “Make it in the Emirates 2026” फोरम के दौरान हुई।

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE और ओमान के बीच यह बैठक कहाँ और कब हुई?

यह बैठक 6 मई 2026 को अबू धाबी में “Make it in the Emirates 2026” फोरम के दौरान हुई, जिसमें दोनों देशों के मंत्रियों और उच्च अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

UAE की अर्थव्यवस्था में नॉन-ऑयल सेक्टर का क्या योगदान है?

UAE की जीडीपी (GDP) में अब नॉन-ऑयल सेक्टर का योगदान 78% तक पहुंच गया है और 2026 में अर्थव्यवस्था के 3.1% से अधिक बढ़ने की उम्मीद है।