UAE-Oman Rail Update: हाफित रेल का 40% काम पूरा, 2028 तक जुड़ेंगे UAE और ओमान, व्यापार में आएगा बड़ा बदलाव
UAE और ओमान को जोड़ने वाली Hafeet Rail प्रोजेक्ट ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। हालिया अपडेट के मुताबिक इस प्रोजेक्ट का 40% काम पूरा हो चुका है। यह रेलवे नेटवर्क दोनों देशों के बीच व्यापार को आसान बनाएगा और सामान की आवाजाही को तेज़ करेगा। 2028 तक इस पूरे काम के खत्म होने की उम्मीद है।
हाफित रेल प्रोजेक्ट कहाँ बन रहा है और क्या है खासियत
इस प्रोजेक्ट का काम UAE के Al Ain और ओमान के Al Buraimi, Sohar और Wadi Al Jizzi जैसे मुख्य इलाकों में तेज़ी से चल रहा है। यह रेलवे ट्रैक करीब 238 से 303 किलोमीटर लंबा होगा। इसे बनाने में लगभग 2.5 से 3 अरब डॉलर का खर्च आ रहा है। इस नेटवर्क को Al Ain में मौजूद Etihad Rail से जोड़कर सीधे सोहार पोर्ट तक ले जाया जाएगा।
पटरियों और इंजन के लिए दुनिया की बड़ी कंपनियों की मदद ली गई है। सामान ढोने वाले इंजन अमेरिका की Progress Rail कंपनी से और वैगन चीन की CRRC कंपनी से मंगाए गए हैं। इसके अलावा लॉजिस्टिक सुविधाओं के लिए L&T और Power China जैसी कंपनियों को काम दिया गया है।
अब तक कितना काम पूरा हुआ और कौन सी कंपनियां जुड़ी हैं
प्रोजेक्ट की प्रगति की बात करें तो अब तक 27 मिलियन क्यूबिक मीटर मिट्टी का काम और 1 लाख क्यूबिक मीटर कंक्रीट का काम पूरा हो चुका है। ओमान के Al Buraimi इलाके में Hajar Mountains के बीच सुरंग बनाने का काम भी शुरू हो गया है। फिलहाल 80 स्ट्रक्चर बनाए जा रहे हैं और 900 कंक्रीट पाइल्स का काम किया गया है।
इस बड़े प्रोजेक्ट को चलाने के लिए Etihad Rail, Oman Rail और Mubadala Investment Company ने हाथ मिलाया है। प्रोजेक्ट की सुरक्षा पर भी काफी ध्यान दिया गया है, जिसके कारण अब तक 1 करोड़ घंटे बिना किसी बड़ी दुर्घटना के काम पूरा किया गया है।
आम लोगों और व्यापार पर क्या पड़ेगा असर
जब यह रेल नेटवर्क पूरी तरह चालू होगा, तो UAE और ओमान के बीच सामान भेजना बहुत सस्ता और आसान हो जाएगा। इससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और सप्लाई चेन में सुधार आएगा। खासतौर पर जो लोग व्यापार करते हैं या सामान की ढुलाई करते हैं, उन्हें इस आधुनिक रेलवे सिस्टम से काफी फायदा मिलेगा।
सोहार पोर्ट और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी होने से माल की आवाजाही तेज़ होगी। इस प्रोजेक्ट से न केवल व्यापार बढ़ेगा बल्कि दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्ते और भी गहरे होंगे।