UAE ने गाज़ा के लोगों की मदद के लिए अपने ‘ऑपरेशन शिवालरस नाइट 3’ (Operation Chivalrous Knight 3) के तहत बड़ी मदद भेजी है. इस हफ्ते पांच सहायता काफिले गाज़ा पहुंचे, जिनमें 64 ट्रकों के जरिए 786 टन खाने-पीने का सामान और टेंट जैसी जरूरी चीजें पहुंचाई गईं.

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इस मदद से पहले 14 जून को भी 42 ट्रकों के जरिए 544 टन सामान भेजा गया था. इसके अलावा, 16 और 17 जून को शारजाह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से एक खास विमान भी रवाना हुआ, जिसमें 100 टन राशन और छोटे बच्चों के लिए दूध का पाउडर था. यह मदद शेख सऊद बिन राशिद अल मुअल्ला के निर्देश पर भेजी गई थी.

मरीजों का इलाज और आर्थिक मदद

गाज़ा के मरीजों के लिए UAE का फ्लोटिंग हॉस्पिटल (Floating Hospital) भी काम कर रहा है. 9 जून को पांच नए मरीज वहां पहुंचे, जिससे फरवरी 2026 से अब तक इलाज पाने वाले मरीजों की कुल संख्या 90 हो गई है. वहीं, अमीरात रेड क्रेसेंट (ERC) ने 8 जून को 3.67 करोड़ दिरहम (करीब 99 लाख डॉलर) की अतिरिक्त मदद दी है, जिसमें 1 लाख 60 हजार फूड पार्सल और 40 हजार हेल्थ किट शामिल हैं.

मई 2026 में भी चार काफिलों के जरिए 930 टन से ज्यादा मदद भेजी गई थी, जिसमें ईद-उल-अज़हा के लिए कपड़े भी शामिल थे. 20 मई को एक विमान के जरिए 100 टन सामान भेजा गया था.

कितनी बड़ी है यह मदद

ऑपरेशन शिवालरस नाइट 3 की शुरुआत नवंबर 2023 में राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान के आदेश पर हुई थी. ऑपरेशन के प्रवक्ता मोहम्मद अलशरीफ ने बताया कि अब तक कुल 1 लाख 23 हजार टन से ज्यादा मदद भेजी जा चुकी है, जिसकी कीमत 3.1 अरब डॉलर से अधिक है. यह दुनिया भर से गाज़ा पहुंची कुल मदद का लगभग 46 प्रतिशत हिस्सा है.

इस पूरे काम में UAE की टीम मिस्र के सरकारी और निजी संगठनों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि सामान सही समय पर लोगों तक पहुंचे. इसके साथ ही गाज़ा में हवाई रास्ते से मदद पहुंचाने के लिए जॉर्डन ने भी UAE का साथ दिया है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.