यूएई में रहने वाले पाकिस्तानी प्रवासियों ने मौजूदा क्षेत्रीय तनाव के बीच यूएई और उसके नेतृत्व के प्रति अपना मजबूत समर्थन दिखाया है। दुबई और शारजाह में आयोजित हुए विशेष कार्यक्रमों में समुदाय के बड़े व्यापारिक और सामाजिक लोग जुटे। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच मजबूत और पुराने रिश्तों को और बेहतर बनाना था। वक्ताओं ने साफ़ कहा कि यूएई अब उनके लिए केवल काम की जगह नहीं बल्कि उनकी नई पीढ़ियों का पहला घर बन चुका है।

प्रवासियों के लिए यूएई में क्या बदला है?

दुबई और शारजाह में हुए इन कार्यक्रमों में यह बात सामने आई कि प्रवासी अब यूएई को अपनी मातृभूमि की तरह ही महत्व देते हैं। किसी भी क्षेत्रीय संकट के समय वे देश के नेतृत्व के साथ एकजुट रहने का वादा कर रहे हैं। यूएई में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए भी यह एक सकारात्मक संदेश है, क्योंकि खाड़ी देशों में शांति और सुरक्षा हर किसी के रोजगार और जीवन को प्रभावित करती है।

यूएई और पाकिस्तान के बीच किन बातों पर है चर्चा?

भले ही समुदाय के लोग एकजुटता दिखा रहे हों, लेकिन सरकारी स्तर पर कुछ अहम मुद्दे बने हुए हैं जिनका असर प्रवासियों पर पड़ता है। नीचे दी गई जानकारी से आप मौजूदा स्थिति को समझ सकते हैं:

  • वीज़ा नियम: पाकिस्तानी नागरिकों के लिए ट्रांजिट वीज़ा और नए वीज़ा प्राप्त करने की प्रक्रिया अब पहले के मुकाबले कठिन हुई है।
  • कर्ज की वापसी: यूएई ने पाकिस्तान से अरबों डॉलर के पुराने ऋणों को चुकाने की मांग की है, जिससे आर्थिक स्तर पर खिंचाव बढ़ा है।
  • सुरक्षा सहयोग: क्षेत्रीय तनाव के दौरान पाकिस्तानी नेतृत्व ने यूएई पर हुए हमलों की निंदा की थी और पूर्ण एकजुटता का भरोसा दिया था।

यह एकजुटता ऐसे समय में आई है जब क्षेत्रीय भू-राजनीति तेजी से बदल रही है। आम प्रवासियों का मानना है कि आपसी सहयोग से ही वीज़ा और काम से जुड़ी समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com