Middle East Tension: UAE की समझदारी से टला बड़ा झगड़ा, पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच कराई बातचीत
मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच UAE और पाकिस्तान ने शांति लाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। UAE के बड़े अधिकारियों ने ईरान के साथ बातचीत शुरू की है ताकि युद्ध की स्थिति को और आगे बढ़ने से रोका जा सके। पाकिस्तान भी इस मामले में बीच-बचाव कर रहा है और अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने में अहम भूमिका निभा रहा है।
UAE और ईरान के बीच क्या बातचीत हुई
15 अप्रैल 2026 को UAE के उपराष्ट्रपति और डिप्टी प्राइम मिनिस्टर शेख मंसूर बिन जायद अल नह्यान ने ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालिबाफ से फोन पर बात की। यह बातचीत बहुत जरूरी थी क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद दोनों देशों के संबंध खराब हो गए थे। UAE ने पहले ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अपना दूतावास बंद कर दिया था, लेकिन अब शांति के लिए फिर से कदम उठाए जा रहे हैं।
पाकिस्तान का रोल और अमेरिका की ceasefire
पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता का काम कर रहा है। हाल ही में पाकिस्तान की जमीन पर दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत हुई, हालांकि अभी किसी अंतिम समझौते पर मुहर नहीं लगी है। यह सब उस समय हो रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 अप्रैल 2026 को दो हफ्ते के लिए युद्धविराम का ऐलान किया था। पाकिस्तान के राजदूतों ने साफ कहा है कि वे बातचीत और डिप्लोमेसी में विश्वास रखते हैं।
शांति प्रयासों की मुख्य जानकारी
| देश/संस्था | मुख्य भूमिका |
|---|---|
| UAE | ईरान के साथ उच्च स्तरीय बातचीत और शांति की अपील की |
| पाकिस्तान | अमेरिका और ईरान के बीच बीच-बचाव (Mediation) का काम किया |
| अमेरिका | 8 अप्रैल को दो हफ्ते के युद्धविराम का ऐलान किया |
| GCC और जॉर्डन | अंतर्राष्ट्रीय कानून के उल्लंघन की निंदा की और शांति का समर्थन किया |