संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर ईरान के हमलों से हालात गंभीर बने हुए हैं. 28 फरवरी, 2026 से शुरू हुए इन हमलों में अब तक कुल 11 लोगों की जान चली गई है और 178 लोग घायल हुए हैं. मरने वालों और घायलों में कई देशों के नागरिक शामिल हैं, जिनमें भारतीय प्रवासी भी बड़ी संख्या में प्रभावित हुए हैं. यूएई के अधिकारी लगातार इन हमलों का जवाब दे रहे हैं.

हमलों में मरने वाले और घायल हुए नागरिक कौन हैं?

हमलों में जान गंवाने वाले 11 लोगों में यूएई के सशस्त्र बलों के दो जवान, सशस्त्र बलों के साथ काम करने वाले मोरक्को के एक नागरिक ठेकेदार और पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, फिलिस्तीन व भारत के आठ नागरिक शामिल हैं. इसके अलावा, कुल 178 लोग घायल हुए हैं. घायलों में कई देशों के नागरिक शामिल हैं, जैसे अमीराती, भारतीय, मिस्री, पाकिस्तानी, बांग्लादेशी और फिलिपिनो. 18 मार्च, 2026 की एक रिपोर्ट में 29 अलग-अलग देशों के नागरिकों के घायल होने की बात कही गई थी, जिनमें सूडान, इथियोपिया, श्रीलंका, अजरबैजान और अफगानिस्तान जैसे देशों के लोग भी शामिल हैं.

हाल की बड़ी घटनाएं और बचाव के प्रयास

पिछले 24 घंटों में यूएई में कई महत्वपूर्ण घटनाएँ हुई हैं. 28 मार्च, 2026 को अबू धाबी में खलीफा इकोनॉमिक ज़ोन में मिसाइल और ड्रोन हमले के बाद आग लगने की खबर आई, जिसमें पांच भारतीय नागरिक मामूली रूप से घायल हुए हैं. यूएई की वायु रक्षा प्रणालियों ने इसी दिन 20 बैलिस्टिक मिसाइलों और 37 ड्रोन को सफलतापूर्वक रोका. 27 मार्च, 2026 को अबू धाबी में एक मिसाइल के मलबे से दो लोगों, जिनमें एक भारतीय और एक पाकिस्तानी शामिल थे, की मौत हो गई थी, और तीन अन्य घायल हुए थे. 28 फरवरी, 2026 से अब तक, यूएई की सेना ने कुल 398 बैलिस्टिक मिसाइलों, 1872 ड्रोन और 15 क्रूज मिसाइलों को रोका है.

यूएई सरकार का रुख और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया

संयुक्त अरब अमीरात इन हमलों को “क्रूर और अकारण ईरानी आक्रामकता” तथा “आतंकवादी हमला” बता रहा है, जो अंतर्राष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है. यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कहा है कि यूएई सभी खतरों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और आत्मरक्षा का अपना पूरा अधिकार रखता है. उन्होंने क्षेत्रीय तनाव को रोकने के लिए बुद्धिमत्ता और संयम से काम लेने की बात कही है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने भी ईरानी हमलों की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया है. सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, कतर और जॉर्डन जैसे देशों ने भी यूएई के साथ मिलकर इन हमलों की निंदा की है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.