तुर्की के इस्तांबुल में चल रही SAHA 2026 डिफेंस और एयरोस्पेस प्रदर्शनी में UAE का प्रदर्शन काफी चर्चा में है। यहाँ UAE पवेलियन में दुनिया भर के देशों के लोग पहुँच रहे हैं। सिर्फ दो दिनों के भीतर ही करीब 2,500 लोग यहाँ अपनी दिलचस्पी दिखाने आए हैं। इस आयोजन के जरिए UAE अपनी स्वदेशी डिफेंस तकनीक को पूरी दुनिया के सामने रख रहा है।

UAE पवेलियन में कितनी भीड़ रही और कौन से देश आए?

प्रदर्शनी के पहले दो दिनों में लोगों का काफी उत्साह देखा गया। आंकड़ों के मुताबिक, पहले दिन 950 लोग पवेलियन पहुंचे और 113 मीटिंग्स हुईं। दूसरे दिन तक कुल आगंतुकों की संख्या 2,500 तक पहुँच गई और 122 नई मीटिंग्स हुईं।

  • आए हुए देश: जॉर्डन, उज्बेकिस्तान, चाड, नाइजीरिया, ओमान, कुवैत, इराक, मॉरिटानिया और तुर्की के प्रतिनिधिमंडल यहाँ पहुंचे।
  • खास मुलाकात: कुवैत के रक्षा मंत्री ने भी पवेलियन का दौरा किया।
  • नेतृत्व: इस पूरे प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ब्रिगेडियर जनरल अहमद अल ज़ाबी कर रहे हैं।

इस प्रदर्शनी में कौन सी कंपनियां और संस्थाएं शामिल हैं?

UAE पवेलियन को UAE रक्षा मंत्रालय (MOD) और तवाज़ुन काउंसिल फॉर डिफेंस इनेबलमेंट का पूरा समर्थन मिला है। इसका आयोजन ADNEC ग्रुप द्वारा किया गया है जो कि एक मोदोन (Modon) कंपनी है।

यहाँ कई बड़ी राष्ट्रीय कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स दिखा रही हैं, जिनमें मुख्य रूप से ये शामिल हैं:

  • EDGE Group और Calidus Group
  • AAL Group और Generation 5 Holding
  • तवाज़ुन काउंसिल (Tawazun Council)
  • मीडिया पार्टनर के तौर पर Al Jundi Journal और Nation Shield जुड़े हुए हैं।

डिफेंस सेक्टर में UAE का नया बड़ा कदम क्या है?

प्रदर्शनी के साथ-साथ UAE ने अपनी वायु सेना की ताकत बढ़ाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। 4 मई 2026 को तवाज़ुन काउंसिल ने Embraer कंपनी को 20 C-390 मिलेनियम विमानों की खरीद के लिए कॉन्ट्रैक्ट दिया। इस डील में एक स्थानीय अमीराती डिफेंस कंपनी को भी शामिल किया गया है जो विमानों की मरम्मत और बिक्री के बाद की सर्विस (MRO) का काम संभालेगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

SAHA 2026 प्रदर्शनी कब और कहाँ आयोजित हो रही है?

यह प्रदर्शनी 5 मई से 9 मई 2026 तक तुर्की के इस्तांबुल एक्सपो सेंटर में आयोजित की जा रही है।

UAE पवेलियन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका मुख्य उद्देश्य UAE के रक्षा उद्योग को आगे बढ़ाना, स्वदेशी तकनीकी विकास को प्रमोट करना और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ रणनीतिक साझेदारी करना है।