UAE Poultry Price Scam: चिकन की कीमतें बढ़ाने वालों पर गिरी गाज, सरकार ने गिरोह को पब्लिक प्रॉसिक्यूशन को भेजा

UAE में चिकन की कीमतों में हुई अवैध बढ़ोतरी को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मिनिस्ट्री ऑफ इकोनॉमी एंड टूरिज्म ने कीमतों में हेराफेरी करने वाले एक गिरोह को फेडरल पब्लिक प्रॉसिक्यूशन को सौंप दिया है। यह कदम उन लोगों के खिलाफ उठाया गया है जिन्होंने क्षेत्रीय तनाव का फायदा उठाकर आम लोगों की जेब पर बोझ डाला और नियमों की धज्जियां उड़ाईं।

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कीमतें बढ़ाने पर क्या कानून लगा और क्या गलती हुई?

सरकार की जांच में यह बात सामने आई कि व्यापारियों के एक समूह ने मिलकर चिकन की कीमतों को गलत तरीके से बढ़ाया। यह कार्रवाई कॉम्पिटिशन लॉ और कंज्यूमर प्रोटेक्शन लॉ का सीधा उल्लंघन है। कॉम्पिटिशन लॉ के आर्टिकल 5 के तहत व्यापारिक संस्थाओं के बीच ऐसा कोई समझौता करना मना है जिससे बाजार में मुकाबला खत्म हो और कीमतें कृत्रिम रूप से बढ़ें।

साथ ही, कैबिनेट रेजोल्यूशन 120 (2022) के मुताबिक चिकन, खाना पकाने का तेल, अंडे और चीनी जैसी जरूरी चीजों के दाम बिना मंत्रालय की मंजूरी के नहीं बढ़ाए जा सकते। इस गिरोह ने इन नियमों को ताक पर रखकर अपनी मर्जी से कीमतें तय की थीं।

चेकिंग अभियान और जुर्माने की पूरी जानकारी

मंत्रालय ने पूरे देश में व्यापक स्तर पर निरीक्षण अभियान चलाया ताकि बाजार में स्थिरता बनी रहे। इस दौरान हजारों निरीक्षण किए गए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया गया।

दिनांक/अवधि कार्रवाई और विवरण
19 अप्रैल 2026 कीमतें बढ़ाने वाले गिरोह को पब्लिक प्रॉसिक्यूशन को भेजा गया
28 फरवरी – 19 अप्रैल 2026 15,480 निरीक्षण, 312 उल्लंघन और 1,005 चेतावनी जारी
13 मार्च 2026 47 व्यापारियों और सुपरमार्केट पर 12 मिलियन AED से ज्यादा जुर्माना
11 मार्च 2026 560 उल्लंघन, 449 चेतावनी और 207,000 AED जुर्माना
15 अप्रैल 2026 रमजान के दौरान 420 विशेष निरीक्षण अभियान चलाए गए
जनवरी 2025 जरूरी सामानों की कीमतों पर निगरानी के लिए नया नियम लागू हुआ
6 मार्च 2023 पोल्ट्री उत्पादों पर अधिकतम 13% बढ़ोत्तरी की अनुमति मिली थी

अधिकारियों की चेतावनी और आम जनता के लिए सलाह

मिनिस्ट्री ऑफ इकोनॉमी के अंडर-सेक्रेटरी मोहम्मद अहमद अल शहही ने साफ कहा कि जो व्यापारी क्षेत्रीय परिस्थितियों का फायदा उठाकर दाम बढ़ाएंगे, उन पर सख्त जुर्माना लगेगा और उनका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है। सरकार ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा और बाजार की स्थिरता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

दुबई कंज्यूमर प्रोटेक्शन के डायरेक्टर अहमद ahli ने आम लोगों, खासकर प्रवासियों से अपील की है कि वे घबराकर सामान की जमाखोरी (Panic buying) न करें। उन्होंने कहा कि अनावश्यक स्टॉक करने से बाजार में अस्थिरता बढ़ती है। सरकार ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की शिकायत आधिकारिक चैनलों के जरिए करें।