UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान फ्रांस के शहर एविआन-लेस-बेंस पहुंच गए हैं। वह वहां G7 समिट में हिस्सा लेने गए हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन के बुलावे पर वह इस अहम बैठक में शामिल हुए हैं। उनके साथ UAE के कई मंत्री और बड़े अधिकारी भी इस दौरे पर गए हैं।

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समिट का मकसद और एजेंडा

यह G7 समिट 15 से 17 जून 2026 तक आयोजित की जा रही है। इस बैठक का मुख्य मकसद दुनिया की आर्थिक स्थिति को सुधारना, सुरक्षा बढ़ाना और विकास पर चर्चा करना है। मीटिंग में रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने और मिडिल ईस्ट के संकट को सुलझाने पर खास ध्यान दिया जाएगा।

खास मीटिंग और चर्चा

16 जून को मिडिल ईस्ट में शांति और स्थिरता लाने के लिए एक विशेष वर्किंग सेशन रखा गया था। इस दौरान UAE राष्ट्रपति और कतर के अमीर की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अलग से मीटिंग होनी तय हुई है। इसके अलावा यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ भी चर्चा की जाएगी।

मिडिल ईस्ट और ग्लोबल शांति

यह पूरी समिट ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच एक फ्रेमवर्क समझौता हुआ है। इस समझौते के बाद मिडिल ईस्ट संकट पर बातचीत के लिए 60 दिनों का समय मिला है। आने वाली चर्चाओं में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने और इलाके में शांति बहाल करने जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।

G7 में शामिल देश

इस समिट में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे G7 सदस्य देश शामिल हैं। इनके अलावा ब्राजील, मिस्र, भारत, केन्या, दक्षिण कोरिया, कतर और यूक्रेन जैसे देशों को भी खास चर्चा के लिए बुलाया गया है।