UAE के राष्ट्रपति हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan) और नीदरलैंड के राजा विलेम-अलेक्जेंडर के बीच मंगलवार को एक अहम फोन कॉल हुई. दोनों नेताओं ने गल्फ क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और वैश्विक सुरक्षा पर इसके गंभीर असर पर विस्तार से चर्चा की. इस दौरान क्षेत्र में शांति बनाए रखने और सैन्य कार्रवाई को तुरंत रोकने की जरूरत पर जोर दिया गया.

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नीदरलैंड ने हमलों की निंदा की और UAE का समर्थन किया

नीदरलैंड के राजा ने गल्फ देशों और खासकर UAE को निशाना बनाकर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की. उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों और सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर इस तरह के हमले किसी भी देश की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय नियमों का सीधा उल्लंघन हैं. राजा विलेम-अलेक्जेंडर ने संकट के इस समय में UAE के बेहतरीन क्राइसिस मैनेजमेंट की तारीफ की. उन्होंने भरोसा जताया कि UAE अपने नागरिकों, वहां रह रहे प्रवासियों (Expats) और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है और नीदरलैंड पूरी तरह से UAE के साथ खड़ा है.

ईरान के राजदूत को समन और कूटनीति पर जोर

हाल ही के घटनाक्रम में नीदरलैंड ने ईरानी राजदूत को भी आधिकारिक तौर पर तलब किया था. इसके जरिए गल्फ क्षेत्र में हमलों का औपचारिक विरोध दर्ज कराया गया. बातचीत में दोनों देशों के नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा हालात को सुधारने के लिए कूटनीतिक रास्ते (Diplomatic channels) अपनाना ही सबसे बेहतर विकल्प है. दोनों देशों का मानना है कि गल्फ में स्थिरता सीधे तौर पर पूरी दुनिया की सुरक्षा से जुड़ी हुई है. ऐसे में किसी भी तरह के तनाव से ग्लोबल पीस को खतरा हो सकता है.