UAE के राष्ट्रपति His Highness Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan फ्रांस के Évian-les-Bains में हुए 52nd G7 Summit में शामिल हुए। यह समिट 15 से 17 जून 2026 तक चली, जिसमें दुनिया के सात बड़े देशों के नेताओं और कुछ खास मेहमान देशों ने हिस्सा लिया। राष्ट्रपति ने इस मौके पर दुनिया में शांति, सुरक्षा और विकास को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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फ्रांस के राष्ट्रपति का जताया शुक्रिया

राष्ट्रपति ने इस समिट की मेजबानी करने और उन्हें आमंत्रित करने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि वह ऐसे समय में अपने दोस्तों और पार्टनर्स से मिलकर खुश हैं जब दुनिया कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है।

ईरानी हमलों और सुरक्षा पर चर्चा

His Highness ने बताया कि उनका क्षेत्र इस समय काफी उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है और ऐसी चुनौतियां सामने आ रही हैं जिनका असर सीमाओं के बाहर भी दिख रहा है। उन्होंने G7 देशों और दुनिया के बाकी साथियों का आभार जताया, जिन्होंने तब UAE का साथ दिया जब ईरान ने लगातार छह हफ्तों तक नागरिक इलाकों को निशाना बनाकर हजारों मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे।

उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा संकट ने यह साफ कर दिया है कि अब दुनिया को और ज़्यादा सहयोग और सामूहिक कार्रवाई की ज़रूरत है। उनके मुताबिक, व्यापार के सुरक्षित रास्तों और मज़बूत बुनियादी ढांचे का होना समृद्धि के लिए बहुत ज़रूरी है और ग्लोबल स्थिरता बनाए रखना सबकी साझा ज़िम्मेदारी है।

अमेरिका-ईरान समझौते और भविष्य की राह

इस दौरान राष्ट्रपति ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के प्रयासों की तारीफ की, जिससे अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता (MoU) हो सका। उन्होंने कहा कि इलाके में टिकाऊ शांति तभी मुमकिन है जब सभी देश एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करें और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पूरी तरह पालन करें।

  • एनर्जी ट्रांजिशन: भविष्य की प्रगति के लिए ऊर्जा के नए स्रोतों पर काम करने पर ज़ोर दिया।
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): AI और आर्थिक विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात कही।
  • इनोवेशन: भविष्य को बेहतर बनाने के लिए निवेश और कनेक्टिविटी को ज़रूरी बताया।

राष्ट्रपति ने कहा कि G7 समिट में UAE की भागीदारी इस बात को पुख्ता करती है कि वे दुनिया के साथ मिलकर इनोवेशन और लचीलेपन पर निवेश करना चाहते हैं, ताकि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर स्थिरता और समृद्धि लाई जा सके।