UAE के राष्ट्रपति हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और जर्मनी के राष्ट्रपति डॉ फ्रैंक-वाल्टर स्टीनमायर के बीच फोन पर अहम बातचीत हुई है। इस बातचीत के दौरान जर्मनी ने UAE के प्रति अपना पूरा समर्थन जताया है। हाल ही में UAE की सीमा पर हुए ईरानी हमलों को लेकर जर्मनी ने कड़ी निंदा की है और क्षेत्रीय सुरक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त की है। यह बातचीत मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच हुई है जिससे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ रही हैं।

बातचीत के दौरान किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

फोन कॉल पर दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के मौजूदा हालात पर विस्तार से चर्चा की। जर्मनी के राष्ट्रपति स्टीनमायर ने स्पष्ट किया कि UAE अपनी सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए जो भी कदम उठाएगा, जर्मनी उसमें पूरी तरह साथ खड़ा रहेगा। इसके अलावा दोनों देशों के प्रमुखों ने इस बात पर सहमति जताई कि मौजूदा सैन्य तनाव का असर पूरी दुनिया की शांति और स्थिरता पर पड़ सकता है। इस चर्चा में नागरिकों की सुरक्षा और देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा पर विशेष जोर दिया गया।

ईरानी हमलों पर जर्मनी का स्पष्ट रुख

जर्मनी ने हालिया घटनाओं और सैन्य कार्यवाही पर अपना कड़ा रुख स्पष्ट किया है। बातचीत के दौरान जर्मनी ने निम्नलिखित बातों पर जोर दिया:

  • हमलों की निंदा: जर्मनी ने UAE और अन्य क्षेत्रीय देशों को निशाना बनाकर किए जा रहे लगातार ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की है।
  • सुरक्षा में साथ: जर्मनी ने भरोसा दिलाया है कि वह UAE की क्षेत्रीय अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए उठाए गए सभी रक्षात्मक कदमों का समर्थन करता है।
  • शांति की जरूरत: दोनों नेताओं ने बढ़ते सैन्य तनाव को कम करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.