एक दिल दहला देने वाली घटना में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने जॉर्डन के एयरपोर्ट पर फंसे चार बच्चों की मदद की. ये बच्चे करीब चार महीने तक बहुत मुश्किल हालात में रहे क्योंकि उनके पास जरूरी कागजात नहीं थे और यूएई वीजा भी रद्द हो गया था. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद राष्ट्रपति कार्यालय ने तुरंत दखल दिया और बच्चों को सुरक्षित वापस यूएई लाया गया.

जॉर्डन एयरपोर्ट पर बच्चे कैसे फंसे थे

फिलिस्तीनी पिता ईद सुलेमान अल अब्बासी ने अपने चार बच्चों को नई जिंदगी शुरू करने के लिए जॉर्डन भेजा था. लेकिन जरूरी एंट्री प्रक्रिया पूरी न होने की वजह से उन्हें जॉर्डन में प्रवेश नहीं मिला. मुश्किल तब और बढ़ गई जब उनके यूएई वीजा भी रद्द हो चुके थे. इस वजह से बच्चे करीब चार महीने तक क्वीन आलिया एयरपोर्ट और एक होटल में फंसे रहे. एक बेटी ने बताया कि उन्हें पहले 14 से 16 दिन एयरपोर्ट पर रखा गया, फिर ढाई महीने एक होटल में और अंत में उन्हें फिर से एयरपोर्ट भेज दिया गया.

राष्ट्रपति कार्यालय ने कैसे की मदद

जब कोई रास्ता नहीं बचा, तो बच्चों ने एक वीडियो बनाया और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मदद की गुहार लगाई. वीडियो में एक बेटी ने उन्हें “बाबा” कहकर पुकारा, जो सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हो गया. यह अपील राष्ट्रपति कार्यालय तक पहुंची और कुछ ही घंटों में परिवार से संपर्क किया गया. अधिकारियों ने पिता को भरोसा दिया कि वे बच्चों की वापसी के लिए फ्लाइट बुक कर सकते हैं और बच्चों को वीजा के लिए एयरपोर्ट पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

बच्चों की सुरक्षित वापसी और ताज़ा अपडेट

3 और 5 मई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों को सुरक्षित रूप से यूएई वापस लाया जा चुका है. परिवार अब यूएई में एक साथ है. वापसी के बाद छोटी बेटी ने यूएई सरकार और उसके नेतृत्व का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने उन्हें उनके प्यारे घर वापस पहुँचाया. यह घटना दिखाती है कि कैसे सही समय पर मिली सरकारी मदद ने इन बच्चों को एक बड़ी मुसीबत से बाहर निकाला.

Frequently Asked Questions (FAQs)

जॉर्डन एयरपोर्ट पर बच्चे कितने समय तक फंसे रहे?

बच्चे लगभग चार महीने तक क्वीन आलिया एयरपोर्ट और वहां के एक होटल में फंसे रहे. उन्होंने पहले 14-16 दिन एयरपोर्ट पर और फिर करीब ढाई महीने होटल में बिताए.

बच्चों की वापसी कैसे संभव हुई?

बच्चों ने एक वीडियो बनाकर यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मदद मांगी थी. वीडियो वायरल होने के बाद राष्ट्रपति कार्यालय ने तुरंत कार्रवाई की और उनके लिए वापसी का रास्ता आसान बनाया.