UAE President और जापानी PM के बीच हुई बातचीत, ईरान के हमले और तेल सप्लाई को लेकर लिया बड़ा फैसला.
यूएई के राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने फोन पर क्षेत्रीय स्थिति को लेकर अहम बातचीत की। इस चर्चा का मुख्य केंद्र ईरान के हालिया हमले और उनका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाला प्रभाव रहा। दोनों नेताओं ने समुद्री सुरक्षा और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की ज़रूरत पर जोर दिया ताकि व्यापार और तेल की सप्लाई में कोई बाधा न आए।
जापान की प्रधानमंत्री और यूएई के बीच क्या चर्चा हुई?
7 अप्रैल 2026 को हुई इस फोन कॉल में जापानी पीएम सानाए ताकाइची ने हमलों की वजह से यूएई को हुए नुकसान पर अपनी सहानुभूति व्यक्त की। उन्होंने जापान की तरफ से ईरान को पड़ोसी देशों पर हमले रोकने और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की सुरक्षा सुनिश्चित करने का कड़ा संदेश दिया। जापान अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए यूएई के कच्चे तेल पर काफी निर्भर रहता है, इसलिए उन्होंने भविष्य में भी स्थिर सप्लाई के लिए सहयोग मांगा।
क्षेत्रीय शांति और आर्थिक समझौतों पर बड़ा अपडेट
यूएई राष्ट्रपति और जापानी पीएम ने बढ़ते तनाव को कम करने और जल्द ही हालात सामान्य करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच जापान-यूएई व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) की बातचीत पूरी होने का भी स्वागत किया गया। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए क्षेत्रीय सुरक्षा और तेल की कीमतें काफी अहमियत रखती हैं, जिसे देखते हुए दोनों देशों का साथ आना राहत की खबर है।
- ईरान पर रुख: दोनों देशों ने सैन्य कार्रवाइयों को रोककर शांतिपूर्ण रास्ता अपनाने का समर्थन किया।
- तेल सप्लाई: जापान के प्रधानमंत्री ने तेल की सुरक्षा और निरंतरता को लेकर यूएई के सहयोग की सराहना की।
- आर्थिक संबंध: भविष्य में व्यापार बढ़ाने के लिए नए CEPA समझौते पर आगे बढ़ने की पुष्टि हुई।
- सुरक्षा की स्थिति: क्षेत्र में समुद्री रास्तों और नागरिक ठिकानों की सुरक्षा सर्वोपरि रखने की बात कही गई।




