संयुक्त अरब अमीरात में ईद-अल-अजहा के खास मौके पर राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने अबू धाबी के मुशरिफ पैलेस में एक विशेष स्वागत समारोह की मेजबानी की। इस समारोह में देश के विभिन्न अमीरात के शासकों, क्राउन प्रिंस, सैन्य कर्मियों और शुभचिंतकों ने हिस्सा लिया और एक-दूसरे को ईद की बधाई दी। यह मुलाकात देश की एकता और भाईचारे को मजबूत करने के उद्देश्य से हर साल आयोजित की जाती है।
राष्ट्रपति शेख मोहम्मद ने मुशरिफ पैलेस में की मेजबानी
27 मई 2026 को आयोजित इस विशेष बैठक में राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने सभी मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने देश की निरंतर प्रगति, समृद्धि और स्थिरता की कामना करते हुए शुभकामनाएं साझा कीं। इस दौरान दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम भी मौजूद रहे और उन्होंने पूरे इस्लामी जगत के लिए शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।
समारोह में शामिल हुए देश के बड़े नेता
इस भव्य आयोजन में शारजाह के शासक शेख डॉ. सुल्तान बिन मोहम्मद अल कासिमी सहित सुप्रीम काउंसिल के अन्य सदस्य, विभिन्न अमीरात के क्राउन प्रिंस, उप शासक, मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस बैठक से पहले पूरे देश में सुबह की ईद की नमाज अदा की गई थी, जिसके बाद सभी बड़े नेता इस विशेष मिलन समारोह के लिए एकत्र हुए। राष्ट्रपति ने इस मौके पर सभी नागरिकों और प्रवासियों की खुशहाली के लिए भी प्रार्थना की।
पूरे यूएई में दिखा ईद का उत्साह
इस बार दुबई में ईद-अल-अजहा की नमाज के लिए लगभग 937 मस्जिदों और ईदगाहों में विशेष व्यवस्था की गई थी। इसके साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि लोगों को त्योहार मनाने में कोई परेशानी न हो। सड़कों पर यातायात सुचारू रूप से चलता रहा और लोगों ने शांतिपूर्वक तरीके से अपना त्योहार मनाया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यूएई में ईद-अल-अजहा के अवसर पर मुख्य स्वागत समारोह कहां आयोजित किया गया?
ईद-अल-अजहा के अवसर पर मुख्य स्वागत समारोह अबू धाबी के मुशरिफ पैलेस में आयोजित किया गया था, जिसकी मेजबानी राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने की थी।
इस विशेष समारोह में कौन-कौन सी प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं?
इस समारोह में राष्ट्रपति शेख मोहम्मद के साथ दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम, शारजाह के शासक शेख डॉ. सुल्तान बिन मोहम्मद अल कासिमी और अन्य अमीरात के शासक व वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे।