संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने देश में रहने वाले लाखों प्रवासियों के लिए एक दिल छू लेने वाला संदेश दिया है। हाल ही में क्षेत्र में मची उथल-पुथल के बीच उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि UAE में रहने वाला हर व्यक्ति उनके परिवार का हिस्सा है। 8 मार्च 2026 तक सामने आई जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति ने अस्पतालों में जाकर घायलों से मुलाकात की और लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा सरकार की सबसे पहली जिम्मेदारी है।

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2026 बना ‘Year of Family’, प्रवासियों को मिला सुरक्षा का भरोसा

राष्ट्रपति ने साल 2026 को आधिकारिक तौर पर "Year of Family" घोषित किया है। उनका कहना है कि UAE की असली ताकत यहाँ का समाज और लोगों की एकजुटता है। उन्होंने प्रवासियों, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय शामिल हैं, को संबोधित करते हुए कहा कि जो भी इस देश से प्यार करता है और इसके विकास में योगदान देता है, वह एक तरह से अमीराती ही है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब लोग सुरक्षा को लेकर थोड़े चिंतित थे, लेकिन सरकार ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी मुश्किल का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और "आसान शिकार" नहीं है।

कस्टडी कानून में बदलाव और अफवाह पर 2 लाख का जुर्माना

परिवारों की भलाई और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं। जहाँ एक तरफ अप्रैल 2025 से पारिवारिक कानूनों में सुधार किया गया है, वहीं दूसरी तरफ संकट के समय गलत खबरें फैलाने वालों पर सख्ती बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि गलत वीडियो या अफवाह फैलाने पर भारी जुर्माना लग सकता है।

नए नियम और महत्वपूर्ण जानकारी:

  • बच्चों की कस्टडी की उम्र अब बढ़ाकर 18 साल कर दी गई है।
  • गैर-मुस्लिम माताओं के लिए कस्टडी के अधिकार बढ़ाए गए हैं।
  • फेक न्यूज या गलत वीडियो शेयर करने पर 2,00,000 दिरहम तक का जुर्माना हो सकता है।
  • फ्लाइट्स रुकने की वजह से फंसे हुए पर्यटकों के रहने और खाने का खर्च सरकार उठा रही है।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.