संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कई क्षेत्रीय देशों के नेताओं के साथ एक साझा फोन कॉल पर बातचीत की है। इस महत्वपूर्ण बातचीत का मुख्य उद्देश्य ईरान शांति समझौते को लेकर चल रहे प्रयासों को आगे बढ़ाना और क्षेत्र में शांति स्थापित करना है। शनिवार, 24 मई 2026 को हुई इस बातचीत में ईरान के साथ एक बड़े शांति समझौते पर सहमति बनने की बात कही जा रही है, जिसका असर पूरे खाड़ी क्षेत्र पर पड़ेगा।

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ईरान शांति समझौते में क्या हैं मुख्य शर्तें?

इस शांति समझौते को लेकर परदे के पीछे बड़ी तैयारी चल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान के साथ शांति समझौते के लिए एक सहमति पत्र (MoU) काफी हद तक तैयार हो चुका है। इस समझौते के तहत कुछ मुख्य बातें सामने आई हैं:

  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना: इस समझौते का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को दोबारा खोलना और वहां सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करना है।
  • प्रतिबंधों में राहत: ईरान को परमाणु सुरक्षा और क्षेत्रीय तनाव कम करने के बदले में धीरे-धीरे आर्थिक प्रतिबंधों से राहत दी जाएगी।
  • लंबा युद्धविराम: खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा बहाल करने के लिए एक लंबे समय तक चलने वाले युद्धविराम का ढांचा तैयार किया गया है।

बातचीत में कौन-कौन से देश शामिल रहे?

इस ऐतिहासिक बातचीत में अमेरिका और यूएई के अलावा क्षेत्र के कई प्रमुख देशों के प्रमुखों ने हिस्सा लिया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी बताया कि इस बातचीत में काफी प्रगति हुई है। इस चर्चा में शामिल मुख्य नेताओं में ये शामिल रहे:

  • संयुक्त अरब अमीरात: राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान।
  • अमेरिका: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो।
  • सऊदी अरब: क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान।
  • कतर: अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी।
  • बहरीन: किंग हमद बिन ईसा अल खलीफा।
  • इसके अलावा जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर भी इस बातचीत और मध्यस्थता के प्रयासों का हिस्सा रहे।

इस समझौते की पृष्ठभूमि क्या है?

यह राजनयिक पहल हाल ही में हुए भारी सैन्य तनाव के बाद शुरू हुई है। फरवरी में अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच सैन्य तनाव काफी बढ़ गया था, जिसके बाद अप्रैल में एक अस्थायी युद्धविराम हुआ था। अब इस समझौते के जरिए क्षेत्र में स्थायी शांति लाने की कोशिश की जा रही है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने भी हाल ही में मध्यस्थता के सिलसिले में तेहरान की यात्रा की थी। इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अलग से सकारात्मक बातचीत की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान शांति समझौते का सबसे बड़ा फायदा क्या होगा?

इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा हॉर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना और खाड़ी क्षेत्र में नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित होना होगा, जिससे वैश्विक व्यापार और तेल की आपूर्ति सामान्य हो सकेगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते को लेकर क्या कहा है?

ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ शांति समझौते का मसौदा लगभग तय हो चुका है और अंतिम विवरणों पर चर्चा के बाद जल्द ही इसका आधिकारिक एलान किया जाएगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.