UAE के प्रेसिडेंशियल एडवाइजर अनवर गरगाश ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ किया कि अरब देशों के बीच हमलों और जबरदस्ती की वजह से जो नई स्थितियां पैदा हुई हैं, उन्हें स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह बयान क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चुनौतियों के बीच आया है।

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अनवर गरगाश ने बताया कि गल्फ देश उन किसी भी भौगोलिक या राजनीतिक बदलावों को मान्यता नहीं देंगे जो आक्रामकता का नतीजा हों। 25 जून 2026 को आई रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरे क्षेत्र का एक साझा रुख है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य की किसी भी व्यवस्था में देशों की संप्रभुता का सम्मान करना सबसे जरूरी है।

गरगाश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि आने वाले समय में होने वाले क्षेत्रीय समझौतों में इस बात को याद रखना होगा कि ईरान ने UAE और अन्य अरब देशों पर हमले किए थे। उन्होंने कहा कि किसी भी गंभीर समाधान के लिए हमलों को पूरी तरह खारिज करना होगा।

सुरक्षा को लेकर गरगाश ने पहले भी कई बातें कही थीं। मार्च 2026 में उन्होंने ईरान के हमलों को एक गलत फैसला बताया था जिससे ईरान खुद अलग-थलग पड़ गया। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई थी कि अरब और इस्लामिक देशों ने मुश्किल समय में गल्फ देशों का पर्याप्त समर्थन नहीं किया। उन्होंने संकेत दिया था कि इन खतरों की वजह से UAE और वाशिंगटन के बीच सुरक्षा रिश्ते और ज्यादा गहरे हो सकते हैं।

क्षेत्रीय हालात पर नजर डालें तो मार्च 2026 में गल्फ देशों और जॉर्डन ने एक साझा बयान जारी किया था। इसमें ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर का खुला उल्लंघन बताया गया था। गल्फ देशों ने अपनी आत्मरक्षा के अधिकार को भी दोहराया था।

इन घटनाओं के बाद अब गल्फ देशों में अपनी सुरक्षा के लिए नए तरीकों पर चर्चा हो रही है। कुछ अधिकारी अब अमेरिका के अलावा अन्य सुरक्षा विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं क्योंकि केवल बातचीत या पुराने समझौतों से सुरक्षा की गारंटी नहीं मिल रही है।

दूसरी तरफ इराक ने भी गल्फ देशों का साथ दिया है। इराक सरकार ने कहा कि अरब देशों की सुरक्षा उसकी अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा है। इराक ने भरोसा दिलाया कि वह अपनी सरहदों का इस्तेमाल करके किसी भी देश पर हमला नहीं होने देगा।