UAE सरकार ने निजी स्वास्थ्य क्षेत्र में अमीराती नागरिकों की भर्ती को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब प्राइवेट हेल्थकेयर कंपनियों को अपने टारगेट का 50% हिस्सा स्पेशलाइज्ड या विशेषज्ञ भूमिकाओं में भरना होगा। इसका सीधा असर निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में काम करने वाले विदेशी प्रोफेशनल्स पर पड़ेगा।
Ministry of Human Resources and Emiratisation (MoHRE) के मुताबिक, प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों के लिए 2026 तक कुल वर्कफोर्स में 10% अमीराती नागरिकों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए हर साल स्किल्ड रोल में 2% की बढ़ोत्तरी करनी होगी, जिसका मतलब है कि हर छह महीने में 1% की वृद्धि जरूरी है।
किन कंपनियों पर लागू होगा यह नियम
- 20 से 49 कर्मचारियों वाली कंपनियां: हेल्थ और सोशल वर्क समेत 14 सेक्टर की ऐसी कंपनियों को 2024 और 2025 में कम से कम एक अमीराती नागरिक को नौकरी पर रखना होगा।
- 50 या उससे ज्यादा कर्मचारियों वाली कंपनियां: इन कंपनियों को 30 जून तक अपना अर्ध-वार्षिक टारगेट पूरा करना होगा। अगर टारगेट पूरा नहीं हुआ, तो 1 जुलाई से उन पर जुर्माना लगाया जाएगा।
क्या होगा ‘स्किल्ड जॉब’ की शर्त
सरकार ने साफ किया है कि केवल उन्हीं नौकरियों को टारगेट में गिना जाएगा जिन्हें ‘स्किल्ड जॉब’ माना जाएगा। इसके लिए दो शर्तें रखी गई हैं। पहली यह कि कर्मचारी की महीने की सैलरी कम से कम 4,000 AED होनी चाहिए। दूसरी शर्त यह है कि उसके पास पोस्ट-सेकेंडरी क्वालिफिकेशन या मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट होना जरूरी है।
फर्जी भर्ती पर सरकार की नजर
MoHRE ने चेतावनी दी है कि कंपनियां केवल कागजों पर या अस्थायी तौर पर अमीराती नागरिकों को नौकरी पर रखकर टारगेट पूरा करने की कोशिश न करें। सरकार अब AI टूल्स, डिजिटल मॉनिटरिंग और फील्ड इंस्पेक्शन के जरिए ‘फेक Emiratisation’ को पकड़ने का काम कर रही है। योग्य उम्मीदवारों को खोजने के लिए कंपनियों को Nafis प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि आने वाले समय में विशेषज्ञ भूमिकाओं में स्थानीय नागरिकों की संख्या बढ़ेगी। Burjeel Holdings जैसी बड़ी संस्थाएं पहले ही इस दिशा में तेजी से काम कर रही हैं और लीडरशिप रोल में अमीराती टैलेंट को मौका दे रही हैं।