UAE सरकार ने अपने अमीराती नागरिकों के लिए प्राइवेट सेक्टर में नौकरी के नियमों को और सख्त कर दिया है। अब कंपनियों को अपने यहाँ काम करने वाले अमीराती कर्मचारियों की सैलरी कम से कम 6,000 दिरहम करनी होगी। इस नियम को लागू करने के लिए सरकार ने एक डेडलाइन तय की है, जिसका पालन न करने वाली कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

सैलरी बढ़ाने की डेडलाइन और जरूरी तारीखें क्या हैं?

MoHRE (Ministry of Human Resources and Emiratisation) ने बताया कि नए, रिन्यू किए गए या बदले हुए वर्क परमिट के लिए 1 जनवरी 2026 से ही 6,000 दिरहम की न्यूनतम सैलरी लागू हो गई है। जो कर्मचारी पहले से कंपनियों में काम कर रहे हैं, उनके लिए नियोक्ताओं को 30 जून 2026 तक सैलरी बढ़ानी होगी। अगर कोई कंपनी 1 जुलाई 2026 तक यह बदलाव नहीं करती है, तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

विवरण तारीख या राशि
नए वर्क परमिट के लिए लागू तारीख 1 जनवरी 2026
मौजूदा कर्मचारियों के लिए डेडलाइन 30 जून 2026
कार्रवाई शुरू होने की तारीख 1 जुलाई 2026
न्यूनतम मासिक सैलरी 6,000 AED
पिछला न्यूनतम स्तर 1 4,000 AED
पिछला न्यूनतम स्तर 2 5,000 AED

नियम न मानने वाली कंपनियों पर क्या असर पड़ेगा?

जो कंपनियां 1 जुलाई 2026 तक अमीराती कर्मचारियों की सैलरी 6,000 दिरहम नहीं करेंगी, उन्हें बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। ऐसी कंपनियों में काम करने वाले अमीराती कर्मचारी अब कंपनी के ‘एमिरेटाइजेशन कोटा’ में नहीं गिने जाएंगे। इसके अलावा, MoHRE ऐसी कंपनियों के लिए नए वर्क परमिट जारी करना भी तब तक रोक देगा जब तक कि वे सैलरी में सुधार नहीं करते।

यह फैसला क्यों लिया गया और इसका क्या असर होगा?

MoHRE के अंडरसेक्रेटरी खलील अल खूरी ने कहा कि यह कदम अमीराती लोगों को प्राइवेट सेक्टर में ज्यादा आकर्षित करने और उन्हें स्थिरता देने के लिए उठाया गया है। सरकार चाहती है कि प्राइवेट सेक्टर की नौकरियां अमीराती युवाओं के लिए प्रतिस्पर्धी बनें। इस प्रक्रिया में Nafis प्रोग्राम भी मदद कर रहा है, जो काबिल अमीराती टैलेंट को कंपनियों से जोड़ता है और उन्हें प्रोत्साहन देता है। सरकार कंपनियों को समय पर कॉन्ट्रैक्ट बदलने की सलाह दे रही है ताकि भविष्य में किसी परेशानी से बचा जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या यह नियम सभी प्राइवेट कंपनियों पर लागू है?

हाँ, यह नियम UAE के उन सभी प्राइवेट सेक्टर प्रतिष्ठानों पर लागू है जो अमीराती नागरिकों को नौकरी पर रखते हैं।

अगर कंपनी समय पर सैलरी नहीं बढ़ाती तो क्या होगा?

1 जुलाई 2026 के बाद, ऐसे कर्मचारी कंपनी के कोटा में नहीं गिने जाएंगे और कंपनी के नए वर्क परमिट जारी होना बंद हो जाएंगे।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.