UAE के प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले अमीराती नागरिकों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। MoHRE यानी मिनिस्ट्री ऑफ ह्यूमन रिसोर्सेज एंड एमिरटाइजेशन की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली छमाही तक 1.90 लाख से ज्यादा अमीराती प्राइवेट कंपनियों में काम कर रहे हैं। यह उपलब्धि करीब 32,000 प्राइवेट कंपनियों के सहयोग से संभव हुई है, जिनमें से 95% कंपनियों ने सरकार द्वारा तय किए गए एमिरटाइजेशन लक्ष्य को समय पर पूरा किया है।

नियम और नई सुविधाएँ

सरकार की नीति के तहत 50 या उससे ज्यादा कर्मचारी रखने वाली कंपनियों को हर साल अपने यहाँ अमीराती लोगों की संख्या में 2% की बढ़ोतरी करनी होती है। इसमें 1% जून तक और बाकी 1% दिसंबर तक पूरा करना अनिवार्य है। इसके अलावा 20 से 49 कर्मचारी वाली कंपनियों को कम से कम एक यूएई नागरिक को भर्ती करना होता है।

प्राइवेट सेक्टर में अमीराती कर्मचारियों के लिए 1 जनवरी 2026 से 6,000 AED का न्यूनतम वेतन तय किया गया है। 1 जुलाई 2026 से जिन कर्मचारियों का वेतन इस सीमा से कम है, उन्हें एमिरटाइजेशन कोटे में नहीं गिना जाएगा। सरकार ने Nafis प्रोग्राम को 2040 तक बढ़ा दिया है ताकि अमीराती प्रतिभाओं को लंबे समय तक काम के बेहतर अवसर मिल सकें।

कंपनियों को मिलने वाले फायदे

जो कंपनियां इन नियमों का पालन कर रही हैं, उन्हें सरकार की तरफ से कई तरह के फायदे दिए जा रहे हैं। इसमें मिनिस्ट्री सर्विस फीस पर 80% तक की छूट और सरकारी खरीदारी में प्राथमिकता शामिल है। Nafis के सेक्रेटरी-जनरल Ghannam Al Mazrouei के मुताबिक, ट्रेनिंग प्रोग्राम और सपोर्ट सर्विसेज की मदद से युवाओं को काम पर रखने की प्रक्रिया आसान हुई है। MoHRE ने इस साल की पहली छमाही में 64 ओपन रिक्रूटमेंट डे का आयोजन किया, जिसमें 226 कंपनियों ने हिस्सा लिया। आने वाले समय में Nafis प्रोग्राम के तहत नए लाभार्थियों के लिए बच्चों का भत्ता और नई सैलरी सपोर्ट स्कीम जैसी सुविधाएँ भी शुरू की जाएँगी।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.