UAE के प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले अमीराती नागरिकों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। Ministry of Human Resources and Emiratisation (MoHRE) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026 की पहली छमाही तक यह संख्या 1.90 लाख के आंकड़े को पार कर गई है। यह उपलब्धि करीब 32,000 प्राइवेट कंपनियों के जरिए हासिल की गई है, जो देश के एमीराइजेशन प्रोग्राम की सफलता को बताती है।

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नियमों का पालन और सख्ती

प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों के लिए सरकार ने कड़े नियम लागू किए हैं। जिन कंपनियों में 50 या उससे ज्यादा कर्मचारी हैं, उन्हें अपनी वर्कफोर्स में अमीराती नागरिकों की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य दिया गया है। फिलहाल, 95% कंपनियों ने इन नियमों का पालन किया है। 30 जून 2026 तक कंपनियों को कुशल पदों पर अमीराती नागरिकों की संख्या में 1% की बढ़ोतरी करना जरूरी था। साल के अंत तक इसे कुल 10% तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

जुर्माना और वेतन के नए नियम

नियमों का पालन न करने वाली कंपनियों पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। जो कंपनियां तय लक्ष्य पूरा नहीं करती हैं, उन पर प्रति कर्मचारी 10,000 AED का मासिक जुर्माना लगाया जा रहा है। इसके अलावा, नए वर्क परमिट पर रोक भी लगाई जा सकती है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले अमीराती नागरिकों का न्यूनतम मासिक वेतन 6,000 AED होना अनिवार्य है। यह नियम नए वर्क परमिट के लिए 1 जनवरी 2026 और मौजूदा कर्मचारियों के लिए 30 जून 2026 से लागू हो चुका है। सरकार नकली एमीराइजेशन रोकने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग का इस्तेमाल कर रही है, जबकि नियमों का पालन करने वाली कंपनियों को सर्विस फीस में छूट जैसी सुविधाएं मिल रही हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com