UAE के विदेश मंत्री Sheikh Abdullah bin Zayed Al Nahyan और Qatar के विदेश मंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman bin Jassim Al Thani ने अबू धाबी में एक अहम बैठक की. यह सातवीं Joint Higher Committee की मीटिंग थी जो Zayed National Museum में हुई. इस मुलाकात का मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आपसी रिश्तों को और मजबूत करना था.
UAE और Qatar के बीच व्यापार और निवेश में क्या बड़े बदलाव आए
बैठक में गैर-तेल व्यापार (non-oil trade) पर विस्तार से बात हुई, जिसके 2025 तक लगभग 13 अरब डॉलर तक पहुँचने की उम्मीद है. निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक खास समझौते पर हस्ताक्षर किए गए. इस दस्तावेज़ पर UAE के वित्त राज्य मंत्री Mohamed bin Hadi Al Hussaini और Qatar के वाणिज्य मंत्री Sheikh Faisal bin Thani Al Thani ने दस्तखत किए. दोनों देशों ने ऊर्जा, परिवहन और निवेश के क्षेत्र में अपनी साझेदारी बढ़ाने का फैसला किया है.
सुरक्षा और क्षेत्रीय मुद्दों पर क्या रही चर्चा
बैठक के दौरान Strait of Hormuz के संकट और समुद्री सुरक्षा पर चिंता जताई गई. Sheikh Abdullah ने ईरान द्वारा किए गए हमलों और Strait of Hormuz को अवैध रूप से बंद करने के मुद्दे को उठाया, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन पर असर पड़ता है. दोनों देशों ने नागरिक स्थलों पर हुए हमलों की निंदा की और अपनी संप्रभुता की रक्षा करने की बात कही. इस मुद्दे पर भविष्य में और बेहतर तालमेल बिठाने पर सहमति बनी.
किन नए समझौतों और क्षेत्रों पर लगी मुहर
इस मीटिंग के अंत में कई महत्वपूर्ण समझौतों और MoUs पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें मुख्य बिंदु ये हैं:
- खेती और खाद्य सुरक्षा: कृषि और फूड सिक्योरिटी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया जाएगा.
- नई तकनीक: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और साइबर सुरक्षा जैसे आधुनिक क्षेत्रों में काम होगा.
- अन्य क्षेत्र: शिक्षा, संस्कृति, स्वास्थ्य, खेल और नगर निगम सहयोग पर भी सहमति बनी.
दोनों देशों ने इन फैसलों को जल्द लागू करने का वादा किया है और अगली बैठक Qatar में आयोजित की जाएगी.
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE और Qatar के बीच गैर-तेल व्यापार का लक्ष्य क्या है
दोनों देशों ने अपने गैर-तेल व्यापार (non-oil trade) को साल 2025 तक लगभग 13 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है.
बैठक में किन नई तकनीकों पर चर्चा हुई
इस मीटिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और साइबर सुरक्षा जैसे नए इकोनॉमी सेक्टर पर सहयोग बढ़ाने की बात हुई.