संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पर्यावरण की दुनिया में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। 2026 के एनवायरनमेंटल परफॉरमेंस इंडेक्स (EPI) में UAE सभी अरब देशों में पहले नंबर पर रहा है। येल स्कूल ऑफ द एनवायरनमेंट और कोलंबिया यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स द्वारा तैयार की गई इस रैंकिंग में दुनिया के 177 देशों का मूल्यांकन किया गया था।
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वेस्ट मैनेजमेंट में दुनिया में टॉप
इस रिपोर्ट के मुताबिक, UAE ने वेस्ट मैनेजमेंट (कचरा प्रबंधन) में 100 में से 100 अंक हासिल किए हैं, जिससे यह पूरी दुनिया में पहले स्थान पर है। इसके साथ ही, बॉटम ट्रॉलिंग फिशरीज (मछली पकड़ने का एक तरीका) को रोकने के मामले में भी UAE ने 100 का स्कोर पाया है, जिसका मतलब है कि इसके समुद्री क्षेत्रों में इस तरीके से मछली नहीं पकड़ी जाती है।
गंदे पानी के ट्रीटमेंट (Wastewater Treatment) में UAE को 94.99 अंक मिले हैं, जिससे वह दुनिया में 19वें और अरब देशों में पहले स्थान पर है। इसके अलावा, समुद्री जैव विविधता (Marine Key Biodiversity Areas) की रक्षा करने में भी UAE अरब देशों में टॉप और दुनिया में नौवें स्थान पर रहा है।
सरकारी प्रयास और भविष्य का लक्ष्य
UAE की जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण मंत्री डॉ. आमना बिंत अब्दुल्ला अल दाहक ने कहा कि यह उपलब्धि शेख जायद बिन सुल्तान अल नाह्यान की विरासत और पर्यावरण के प्रति देश की प्रतिबद्धता का नतीजा है। उन्होंने बताया कि सरकार की ‘नेट जीरो 2050 स्ट्रेटजी’ और समाज की भागीदारी ने इस सफलता में बड़ी भूमिका निभाई है।
दुबई सुप्रीम काउंसिल ऑफ एनर्जी के वाइस चेयरमैन सईद मोहम्मद अल तायर ने बताया कि दुबई अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम करने पर काम कर रहा है। उनका लक्ष्य दुबई को टिकाऊ विकास और ग्रीन इकोनॉमी के लिए एक वैश्विक उदाहरण बनाना है।
9 जुलाई 2026 को यूनाइटेड नेशंस के एक सत्र के दौरान UAE ने फिर से दोहराया कि वह 2050 तक क्लाइमेट न्यूट्रलिटी हासिल करेगा और क्लीन एनर्जी (साफ ऊर्जा) के उत्पादन की क्षमता को और बढ़ाएगा।
