United Arab Emirates ने सोमवार को साफ कह दिया है कि वह अपने हवाई क्षेत्र, भूमि या समुद्री सीमा का इस्तेमाल Iran के खिलाफ किसी भी सैन्य हमले के लिए नहीं होने देगा। UAE के विदेश मंत्रालय ने यह बयान जारी करते हुए क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

UAE का आधिकारिक रुख क्या है?

UAE विदेश मंत्रालय ने कहा है कि संवाद, तनाव कम करना, अंतर्राष्ट्रीय कानून का पालन और राज्य की संप्रभुता का सम्मान ही वर्तमान संकट से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका है। मंत्रालय की रणनीतिक संचार निदेशक Afra Al Hameli ने इस रुख की पुष्टि की है।

अमेरिकी सेना की मौजूदगी का क्या मामला है?

UAE में Abu Dhabi के पास Al Dhafra airbase में हजारों अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। यह बयान उस समय आया है जब Iran पर संभावित अमेरिकी हमले की चर्चा हो रही है और USS Abraham Lincoln aircraft carrier strike group इस क्षेत्र में पहुंच गया है।

Iran की तरफ से क्या प्रतिक्रिया आई है?

Iran के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने सोमवार को कहा कि Iran किसी भी संभावित हमले का जवाब देने के लिए पहले से कहीं अधिक तैयार है। उन्होंने पड़ोसी देशों से अमेरिकी धमकियों के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाने की अपील की है।

क्षेत्रीय तनाव क्यों बढ़ रहा है?

Iraq में Iran समर्थित मिलिशिया Kataib Hezbollah और Yemen के Houthi rebels ने नए हमलों की धमकी दी है। Lebanon का Hezbollah भी Israel और US के संभावित हमले के लिए तैयारी कर रहा है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की सैन्य कार्रवाई की धमकियों के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.