यूएई और खाड़ी देशों में अब ऑफिस जाकर काम करने का पुराना तरीका बदल रहा है। बहुत सी कंपनियां अब अपने कर्मचारियों को घर से काम करने यानी रिमोट वर्क की सुविधा दे रही हैं। सरकार ने भी इसके लिए नए नियम बनाए हैं ताकि कामकाज बिना रुके चलता रहे और कर्मचारियों को सुरक्षा मिले।
रिमोट वर्किंग वीज़ा के लिए क्या हैं नए नियम
यूएई के रिमोट वर्किंग वीज़ा जिसे डिजिटल नोमैड वीज़ा भी कहते हैं, उसके लिए अब नियम कड़े कर दिए गए हैं। 27 जनवरी 2026 से आवेदन करने वालों को अपनी कमाई साबित करने के लिए तीन महीने के बजाय छह महीने के बैंक स्टेटमेंट जमा करने होंगे। यह बदलाव इसलिए किया गया है ताकि आवेदक की आय स्थिर रहे। यह वीज़ा एक साल के लिए जारी होता है और इसे रिन्यू कराया जा सकता है। इसके लिए किसी स्थानीय प्रायोजक की जरूरत नहीं है, लेकिन वैध स्वास्थ्य बीमा और नियोक्ता से अप्रूवल लेटर देना होगा।
प्राइवेट कंपनियों में घर से काम करने की क्या स्थिति है
यूएई के निजी क्षेत्र में कर्मचारियों को अपने आप घर से काम करने का अधिकार नहीं मिला है। इसके लिए कंपनी की मंजूरी लेना जरूरी है। मानव संसाधन और अमीरात मंत्रालय (MoHRE) ने 1 अप्रैल 2026 को एक गाइड जारी की है। इसमें साफ कहा गया है कि रिमोट वर्क करने वाले कर्मचारी भी ऑफिस आने वालों की तरह ही काम के घंटों और कानूनी जिम्मेदारियों से बंधे रहेंगे। कंपनियों को अब पारदर्शी कॉन्ट्रैक्ट देने होंगे जिनमें काम के घंटे और छुट्टियों की पूरी जानकारी हो।
विदेश से काम करने और रमजान के नियमों की जानकारी
अगर कोई कर्मचारी यूएई से बाहर रहकर काम करना चाहता है, तो यह पूरी तरह कंपनी की मर्जी पर निर्भर है। कंपनियों को इसके लिए मेजबान देश के वीज़ा और टैक्स नियमों का ध्यान रखना होगा। वहीं, रमजान 2026 के लिए भी नियम तय किए गए हैं। 17 फरवरी 2026 से निजी क्षेत्र में काम के घंटे घटाकर छह घंटे प्रतिदिन और 30 घंटे प्रति सप्ताह कर दिए गए हैं। इस दौरान कंपनियां लचीले शेड्यूल या रिमोट वर्क का विकल्प चुन सकती हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रिमोट वर्किंग वीज़ा के लिए बैंक स्टेटमेंट का नियम क्यों बदला गया?
आवेदकों की स्थिर आय और उनके रोजगार के इतिहास को सही तरीके से सुनिश्चित करने के लिए अब तीन महीने के बजाय छह महीने के बैंक स्टेटमेंट अनिवार्य कर दिए गए हैं।
क्या यूएई में निजी क्षेत्र के कर्मचारी अपने आप घर से काम कर सकते हैं?
नहीं, निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को रिमोट वर्क के लिए अपने नियोक्ता की अग्रिम स्वीकृति लेनी होगी क्योंकि सरकार ने इसे अनिवार्य नहीं बनाया है।
