UAE Residence Visa: अब वीज़ा के लिए पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट हुआ अनिवार्य, कई देशों के नागरिकों के लिए बदला नियम
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने रेजिडेंस वीज़ा के नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है. अब कई देशों के नागरिकों को वीज़ा आवेदन के साथ पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) या गुड कंडक्ट सर्टिफिकेट देना होगा. यह नियम अप्रैल 2026 से लागू हो गया है, जिससे अब वीज़ा आवेदन की प्रक्रिया में कुछ नए बदलाव आएंगे.
नया नियम क्या है और यह कब से लागू हुआ?
UAE सरकार ने सुरक्षा जांच को और सख्त करने के लिए यह कदम उठाया है ताकि इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लाया जा सके. 11 अप्रैल 2026 को अधिकृत टाइपिंग केंद्रों को इस बारे में सूचित किया गया और 12 अप्रैल 2026 को इसकी पुष्टि हुई. अब बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले सरकारी सर्टिफिकेट के रेजिडेंसी वीज़ा आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे. इस सर्टिफिकेट को आवेदक के गृह देश के विदेश मंत्रालय और यूएई मिशन द्वारा सत्यापित करवाना जरूरी होगा. यदि कोई व्यक्ति पहले से यूएई में किसी वीज़ा पर है, तो उसे स्थानीय स्तर पर जारी यूएई पीसीसी प्राप्त करना होगा.
किन देशों के नागरिकों के लिए यह नियम जरूरी है?
यह नया नियम दुनिया के कई खास देशों के नागरिकों के लिए लागू किया गया है. भारत और पाकिस्तान फिलहाल इस लिस्ट में शामिल नहीं हैं, हालांकि कुछ हाई-सिक्योरिटी वाली नौकरियों के लिए नियोक्ता अब भी पीसीसी की मांग कर सकते हैं. प्रभावित देशों की पूरी सूची नीचे दी गई है:
| देश | देश |
|---|---|
| अफगानिस्तान | अल्जीरिया |
| भूटान | बुल्गारिया |
| कैमरून | क्यूबा |
| मिस्र | घाना |
| इंडोनेशिया | इराक |
| केन्या | मैक्सिको |
| नेपाल | नाइजीरिया |
| श्रीलंका | युगांडा |
वीज़ा प्रक्रिया पर क्या असर पड़ेगा और समय कितना लगेगा?
इस नए नियम की वजह से अब वीज़ा मिलने में पहले के मुकाबले थोड़ा ज़्यादा समय लग सकता है. विदेश से आवेदन करने वाले लोगों को अपने देश से सर्टिफिकेट लेकर उसे यूएई दूतावास और यूएई के विदेश मंत्रालय (MOFA) से अटेस्ट करवाना होगा. इस पूरी प्रक्रिया में करीब 2 से 4 हफ्ते का अतिरिक्त समय लग सकता है. बता दें कि यूएई पीसीसी केवल 90 दिनों के लिए ही वैध रहता है. इस बदलाव का असर कंपनियों की मानव संसाधन टीमों और नए आने वाले प्रवासियों पर पड़ेगा क्योंकि अब उन्हें सत्यापन शुल्क और अतिरिक्त समय का प्रबंधन करना होगा.