UAE में रह रहे इस शख्स पर अमेरिका की बड़ी कार्रवाई, ईरान के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े होने पर लगे प्रतिबंध

अमेरिकी सरकार ने ईरान के अवैध डिजिटल एसेट नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को अमेरिका के ट्रेजरी विभाग के OFAC ने एक व्यक्ति और छह अलग-अलग संस्थाओं पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। यह फैसला फारस की खाड़ी में स्थित होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों पर हुए हालिया हमलों के जवाब में लिया गया है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ईरानी शासन की उन आर्थिक गतिविधियों को रोकना है, जिनके जरिए वे करोड़ों डॉलर को डिजिटल करेंसी के माध्यम से अवैध रूप से इधर-उधर करते थे।
संयुक्त अरब अमीरात से तार जुड़े होने का आरोप
इस पूरी साजिश के केंद्र में Siavash Kayvanpour नाम का व्यक्ति है, जो फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रह रहा है। कायेवनपोर मूल रूप से ईरान का है, लेकिन उसके पास डोमिनिका और अफगानिस्तान की नागरिकता भी है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, वह उस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का मास्टरमाइंड था जो अवैध डिजिटल करेंसी के काम को बढ़ावा दे रहा था। उसके साथ ही उसकी तीन कंपनियां, Shelbit Technologies Ltd, Crypto Home, और NFT Home पर भी प्रतिबंध लागू किए गए हैं।
प्रतिबंधित कंपनियों की सूची
इस कार्रवाई के दौरान दो प्रमुख डिजिटल एक्सचेंज भी रडार पर आए हैं। इनकी जानकारी नीचे दी गई है:
| Entity Name | Reason for Sanction |
|---|---|
| Shelbit Exchange | Providing support to IRGC and other banned exchanges |
| Aban Tether | Processed millions in illegal transactions |
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता Tommy Pigott ने इस मुद्दे पर कहा कि ईरानी शासन डिजिटल एसेट एक्सचेंज का सहारा लेकर अरबों डॉलर का हेरफेर करता है। उनका कहना है कि अमेरिका ऐसी किसी भी कोशिश को नाकाम करेगा जो ईरान के परमाणु कार्यक्रम या आतंकवाद को बढ़ावा देती है। वहीं ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने कहा कि उनकी सरकार उन सभी वित्तीय नेटवर्क को खत्म करेगी जो ईरान को आर्थिक मजबूती देते हैं। यह कदम E.O. 13224 और E.O. 13902 जैसे नियमों के तहत उठाया गया है।
15 मिलियन डॉलर का इनाम
अमेरिकी सरकार ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। Rewards for Justice प्रोग्राम के तहत अगर कोई व्यक्ति ऐसी जानकारी देता है जिससे इन वित्तीय तंत्रों को रोकने में मदद मिले, तो उसे 15 मिलियन डॉलर तक का इनाम दिया जाएगा। यह पूरी जानकारी ANI News और US Treasury की आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर दी गई है। इस कार्रवाई का असर उन सभी प्रवासियों और व्यापारियों पर पड़ेगा जो डिजिटल माध्यमों से इन नेटवर्क के संपर्क में आते हैं, इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।