यूएई में रहने वाले आधे से ज्यादा लोग बीमार होने पर डॉक्टर के पास जाने से पहले चैटजीपीटी (ChatGPT) जैसे एआई टूल का इस्तेमाल कर अपनी बीमारी का पता लगा रहे हैं। एक ताज़ा रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। लोगों की इस बढ़ती आदत और एआई के इस्तेमाल को देखते हुए यूएई सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सुरक्षित और नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। सरकार ने इसके लिए बाकायदा एक राष्ट्रीय नीति और कानूनी ढांचे को मंजूरी दे दी है ताकि मरीजों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा की जा सके।

यूएई कैबिनेट ने डिजिटल स्वास्थ्य नीति और नए कानून को दी मंजूरी

मई और जून 2026 में यूएई कैबिनेट ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई को विनियमित करने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। 19 मई 2026 को कैबिनेट ने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं और एआई के विकास के लिए राष्ट्रीय नीति को मंजूरी दी थी। इसके बाद 8 जून 2026 को स्वास्थ्य सेवा में एआई को बढ़ावा देने के लिए एक और नीति अपनाई गई। इसके तहत जल्द ही एक नया संघीय कानून बनाया जाएगा जो स्मार्ट हेल्थ एप्लिकेशन के लाइसेंस, सुरक्षा मानकों, डेटा गोपनीयता और कानूनी देनदारी को पूरी तरह से तय करेगा।

अबू धाबी और दुबई में एआई के उपयोग के लिए सख्त नियम

यूएई के अलग-अलग अमीरात ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई के उपयोग के लिए अपनी नीतियां पहले ही स्पष्ट कर दी हैं:

  • अबू धाबी स्वास्थ्य विभाग (DOH): 11 मई 2026 को अपडेट की गई नीति के अनुसार, एआई टूल्स के लिए पारदर्शिता, सुरक्षा, गोपनीयता, नैतिकता और जवाबदेही जैसी छह बुनियादी बातें जरूरी हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों या डॉक्टरों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • दुबई हेल्थ अथॉरिटी (DHA): दुबई में अगस्त 2021 से लागू नीति सभी अस्पतालों, डॉक्टरों, दवा निर्माताओं और बीमा कंपनियों पर समान रूप से लागू होती है। इसका उद्देश्य बिना किसी भेदभाव के मरीजों को सुरक्षित एआई इलाज देना है।
  • डेटा सुरक्षा कानून: यूएई के पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन कानून के तहत मरीजों के हेल्थ डेटा को बेहद संवेदनशील मानकर सुरक्षित रखा जाता है और इसकी अनधिकृत शेयरिंग पर सख्त रोक है।

‘यूएई सरकार 4.0’ और एजेंटिक एआई का बड़ा लक्ष्य

यूएई के उपराष्ट्रपति और दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मक्तूम ने घोषणा की है कि यूएई सरकार एआई तकनीक अपनाने में दुनिया की सबसे आगे रहने वाली सरकार बनना चाहती है। अगले दो वर्षों में संघीय सरकार की 50 प्रतिशत सेवाओं में इस तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर दिया जाएगा। इस बदलाव के लिए लगभग 80,000 सरकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में एआई अब केवल एक विकल्प नहीं बल्कि नियमों के दायरे में चलने वाली एक आवश्यक प्रणाली बन चुकी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या यूएई में एआई स्वास्थ्य ऐप्स का उपयोग करने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता है?

हां, यूएई सरकार के नए कानूनी ढांचे के तहत स्मार्ट हेल्थ एप्लिकेशन और एआई-संचालित स्वास्थ्य प्रणालियों के विकास, संचालन और उपयोग के लिए विशेष लाइसेंस और मान्यता प्राप्त करना अनिवार्य है।

यूएई में मरीजों के मेडिकल डेटा को सुरक्षित रखने के लिए क्या नियम हैं?

यूएई के पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन कानून और संघीय स्वास्थ्य आईसीटी कानून के तहत मरीजों के स्वास्थ्य डेटा को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है, जिसे मरीज की लिखित सहमति के बिना किसी भी गैर-स्वास्थ्य कार्य के लिए साझा नहीं किया जा सकता।