संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रहने वाले करीब आधे निवासी इस साल अपनी गर्मियों की छुट्टियों के प्लान में बदलाव कर रहे हैं। यात्रा का खर्च काफी ज्यादा होने और Schengen वीज़ा मिलने में 45 से 60 दिनों की देरी होने के कारण लोग अब घर पर रहने या दूसरी सस्ती जगहों पर जाने का विकल्प चुन रहे हैं। कई ट्रेवल एजेंसियों ने बताया कि इन मुश्किलों से बचने के लिए लोगों ने जनवरी से ही बुकिंग शुरू कर दी थी।
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बदल रही है पसंदीदा जगह
बावजूद इसके कि यात्रा करना महंगा हो गया है, लोग अब ऐसी जगहों को प्राथमिकता दे रहे हैं जहां वीज़ा मिलना आसान है। अब यात्री थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया और मध्य एशिया के देशों जैसे जार्जिया, अज़रबैजान, आर्मेनिया और अल्माटी की तरफ रुख कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोप की यात्रा रद्द नहीं हो रही है, बल्कि उसमें बदलाव किया जा रहा है और लोग कम भीड़भाड़ वाली जगहों को चुन रहे हैं।
प्रशासन की ओर से राहत के कदम
यात्रियों की परेशानी को कम करने के लिए Federal Authority for Identity, Citizenship, Customs and Port Security (ICP) ने 9 जुलाई 2026 तक 30 दिनों का वीज़ा ग्रेस पीरियड दिया है। इसके अलावा, भारतीय मिशनों ने 6 जुलाई को पासपोर्ट और वीज़ा सेवाओं के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट सिस्टम शुरू किया है ताकि भीड़ को संभाला जा सके। एयरलाइंस कंपनियां भी नए ऑफर और सर्विस पेश कर रही हैं। हालांकि, मास्टरकार्ड इकोनॉमिक्स इंस्टीट्यूट के अनुसार UAE अभी भी दुनिया के शीर्ष 9 पर्यटन स्थलों में से एक बना हुआ है और यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में कोई कमी नहीं है।
