संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में फ्लाइट्स कैंसिल होने और एयरस्पेस में आई रुकावटों से परेशान लोगों के लिए एक राहत भरा अपडेट आया है। जो लोग यहाँ फंस गए हैं, वे अब हवाई जहाज के बजाय सड़क के रास्ते (Land Corridors) और ग्राउंड कॉन्वॉय का इस्तेमाल कर रहे हैं। सरकार ने भी ऐसे यात्रियों की मदद के लिए ‘डिपार्चर असिस्टेंस’ शुरू किया है ताकि वे सुरक्षित अपने देश लौट सकें। 2026 में आई इन दिक्कतों के बीच प्रशासन लोगों की पूरी मदद कर रहा है।

सड़क के रास्ते और एम्बसी की मदद

हवाई रास्ते बंद होने या सीमित होने की वजह से लोग अब अलग-अलग देशों से गुजरने वाले लैंड रूट का इस्तेमाल कर रहे हैं। एम्बसी और UAE के अधिकारी मिलकर लोगों को सुरक्षित निकालने का काम कर रहे हैं। भारतीय और फिलीपींस की एम्बसी अपने नागरिकों को पड़ोसी देशों की राजधानियों तक पहुँचाने के लिए ग्राउंड ट्रांसपोर्ट का इंतज़ाम कर रही हैं। यह उन लोगों के लिए बड़ी मदद है जो फ्लाइट्स न मिलने से परेशान थे। इसके अलावा, पर्यटन मंत्रालय 20,000 से ज्यादा फंसे हुए पर्यटकों के होटल और खाने का खर्चा भी उठा रहा है।

ओवरस्टे फाइन और जरूरी फीस

फंसे हुए यात्रियों के लिए सरकार ने नियमों में बड़ी ढील दी है। Federal Authority (ICP) ने साफ़ किया है कि 28 फरवरी 2026 के बाद जिनके वीज़ा एक्सपायर हुए हैं, उनसे मौजूदा हालात को देखते हुए कोई ओवरस्टे फाइन नहीं लिया जाएगा।

  • एक्जिट फीस: लैंड या सी-पोर्ट (Sea Port) से निकलने पर कुल 130 दिरहम (30 एप्लीकेशन फीस + 100 स्मार्ट सर्विस फीस) लगेंगे।
  • डिपार्चर परमिट: अगर किसी का वीज़ा पहले से वायलेटिड है, तो उसे परमिट के लिए 300 दिरहम देने होंगे।
  • राहत: जो लोग ‘असाधारण हालात’ की वजह से नहीं जा सके, उनका पूरा जुर्माना माफ कर दिया गया है।

फ्लाइट्स को लेकर ताज़ा अपडेट

फ्लाइट्स धीरे-धीरे फिर से शुरू हो रही हैं, लेकिन अभी संख्या काफी कम है। पड़ोसी देशों के साथ मिलकर सेफ एयर कॉरिडोर बनाए गए हैं, जहाँ से हर घंटे लगभग 48 फ्लाइट्स उड़ रही हैं। कतर एयरवेज ने 7 मार्च से कुछ रूट्स पर फिर से उड़ानें शुरू की हैं, वहीं Emirates और Etihad ने रेगुलर फ्लाइट्स को फिलहाल सीमित रखा है। अधिकारियों ने यात्रियों को साफ़ सलाह दी है कि बिना कन्फर्म टिकट या री-बुकिंग के एयरपोर्ट पर न जाएं, क्योंकि अभी सिर्फ इमरजेंसी वालों को ही प्राथमिकता दी जा रही है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.