UAE में रहने वाले लोग अब समुद्र के किनारे या मरीना के पास घर लेना चाहते हैं। Shamal Holding द्वारा कराए गए एक सर्वे में पता चला है कि करीब 82 प्रतिशत लोग अगले दो से तीन सालों में ऐसी जगहों पर शिफ्ट होने की योजना बना रहे हैं।

इस सर्वे में शामिल 1,009 लोगों में से 93 प्रतिशत ने कहा कि वे ऐसी प्राइम लोकेशन के लिए ज्यादा पैसे देने को तैयार हैं। वहीं 99 प्रतिशत लोगों का मानना है कि वॉटरफ्रंट प्रॉपर्टी में निवेश करना लंबे समय के लिए बहुत फायदेमंद रहता है। सर्वे में यह भी सामने आया कि 96 प्रतिशत लोगों के रोजाना के फैसले, जैसे कि यात्रा, एक्सरसाइज और तनाव कम करना, इस बात पर निर्भर करते हैं कि वे पानी के कितने करीब हैं।

यह पूरी जानकारी “The Future of Seafront Being” नाम की एक रिपोर्ट में दी गई है। यह रिपोर्ट Dubai 2040 Urban Master Plan और Dubai Quality of Life Strategy 2033 को सपोर्ट करती है। रिपोर्ट के मुताबिक, 88 प्रतिशत लोगों ने माना कि पानी के किनारे रहने से मानसिक और शारीरिक सेहत में सुधार होता है। साथ ही, यहां मिलने वाले वॉकिंग पाथ और मरीना की सुविधाओं की वजह से लोग ज्यादा हेल्दी आदतें अपनाते हैं।

शामल होल्डिंग (Shamal Holding) के CEO अब्दुल्ला बिनहबटूर ने कहा कि वॉटरफ्रंट लिविंग अब सिर्फ रहने की जगह नहीं रह गई है। यह काम, मनोरंजन और सेहत का एक मिला-जुला हिस्सा बन चुका है, जिसके लिए सोच-समझकर डिजाइन तैयार करने की जरूरत है।

यह सर्वे खास तौर पर उन UAE निवासियों के बीच किया गया था जिनकी महीने की कमाई कम से कम 20,000 दिरहम है। इसमें उन लोगों का एक ग्रुप भी शामिल था जिनकी मासिक आय 50,000 दिरहम से ज्यादा है या जिनकी कुल संपत्ति 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.