UAE ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। अब दमिश्क की मशहूर और ऐतिहासिक उमाय्यद मस्जिद की मरम्मत का काम किया जाएगा। इस नेक काम में ‘मदर ऑफ द नेशन’ शेख फातमा बिंत मुबारक का पूरा समर्थन है। यह फैसला इस्लामिक विरासत को बचाने और उसे संवारने की दिशा में एक अहम पहल है।
मस्जिद की मरम्मत का ऐलान किसने और कैसे किया?
UAE की राज्य मंत्री Noura bint Mohammed Al Kaabi ने दमिश्क की उमाय्यद मस्जिद के दौरे के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि अरब और इस्लामिक सभ्यता में सीरिया का बहुत बड़ा स्थान है और यह मस्जिद एक खास ऐतिहासिक पहचान है।
यह पूरा प्रोजेक्ट UAE के संस्थापक शेख जायद बिन सुल्तान अल नाहयान के मानवीय दृष्टिकोण और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के विजन के तहत किया जाएगा। इसका मकसद पुरानी विरासतों को सुरक्षित रखना और विकास को बढ़ावा देना है।
मस्जिद के अलावा और क्या काम होंगे?
सिर्फ मुख्य मस्जिद ही नहीं, बल्कि उसके आसपास के पुराने इलाकों को भी सुधारने की तैयारी है। कारोबारी Abdulkader Al Sankari ने भी शेख फातमा की इस प्रतिबद्धता की पुष्टि की है कि आसपास के प्राचीन जिलों का भी नवीनीकरण होगा।
- 12 मई 2026 को UAE के एक प्रतिनिधिमंडल ने दमिश्क के पास क्षतिग्रस्त मस्जिदों का मुआयना किया।
- UAE की इस्लामिक अफेयर्स अथॉरिटी के डॉ. उमर हबटूर अल दरेई ने सीरिया के ग्रैंड मुफ्ती शेख ओसामा अब्दुलकरीम अल रिफाई से मुलाकात की।
- दोनों देशों के धार्मिक अधिकारियों ने आपसी सम्मान और एकजुटता बढ़ाने के लिए चर्चा की और मध्यम मार्ग वाले फतवों को बढ़ावा देने पर बात की।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE इस प्रोजेक्ट में कैसे मदद कर रहा है?
UAE सरकार और शेख फातमा बिंत मुबारक के सहयोग से उमाय्यद मस्जिद की मरम्मत होगी। इसके लिए UAE ने सांस्कृतिक पहलों और निवेश के वादे किए हैं ताकि ऐतिहासिक विरासतों को बचाया जा सके।
क्या सिर्फ उमाय्यद मस्जिद की ही मरम्मत होगी?
नहीं, मस्जिद के साथ-साथ उसके आसपास के पुराने जिलों का भी नवीनीकरण किया जाएगा। इसके अलावा UAE के दल ने अन्य क्षतिग्रस्त मस्जिदों का भी निरीक्षण किया है ताकि उन्हें भी सुधारा जा सके।
