UAE में काम करने वाले लाखों प्रवासियों और भारतीयों के लिए नौकरी के बाद का समय सबसे ज़्यादा चिंता वाला होता है। अब दुनिया की सबसे बड़ी निवेश कंपनी BlackRock ने एक नई रिपोर्ट पेश की है, जिसमें बताया गया है कि कैसे वर्कप्लेस सेविंग्स के ज़रिए लोगों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है। इस पहल से लोगों को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
रिटायरमेंट के लिए नई योजना और सरकारी नियम
BlackRock की “Read on Retirement: GCC 2026” रिपोर्ट 11-12 जून 2026 को दुबई में जारी की गई। इसमें बताया गया कि UAE में लोगों को बचत के लिए बेहतर विकल्पों की ज़रूरत है। इससे न केवल आम आदमी का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि देश के बाज़ार में निवेश भी बढ़ेगा।
UAE सरकार ने पहले ही साल 2023 में एक स्वैच्छिक विकल्प (Cabinet Decision No. 96 of 2023) शुरू किया था। इसके तहत कंपनियों को यह छूट दी गई कि वे अपने कर्मचारियों को पुराने ग्रेच्युटी सिस्टम के बजाय निवेश आधारित सेविंग्स प्लान दे सकें। इस पूरे सिस्टम को Ministry of Human Resources and Emiratisation (MoHRE) और Securities and Commodities Authority (SCA) मिलकर संभाल रहे हैं। DIFC का DEWS स्कीम इसका एक बड़ा उदाहरण है, जहाँ कर्मचारियों के लिए व्यवस्थित बचत की सुविधा दी गई है।
बचत और तैयारी से जुड़े अहम आंकड़े
रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि ज़्यादातर लोग बचत तो करना चाहते हैं, लेकिन उनके पास सही रास्ता या स्कीम नहीं है। ज़्यादातर लोग आज भी अपना पैसा कैश, सोने या ज़मीन-जायदाद में ही रखते हैं।
| विवरण | प्रतिशत (%) |
|---|---|
| सेविंग्स प्रोग्राम में दिलचस्पी रखने वाले UAE नागरिक | 93% |
| सेविंग्स प्रोग्राम में दिलचस्पी रखने वाले प्रवासी (Expats) | 91% |
| रिटायरमेंट के लिए तैयार महसूस करने वाले नागरिक | 67% |
| रिटायरमेंट के लिए तैयार महसूस करने वाले प्रवासी | 46% |
| कैश में बचत करने वाले लोग | 49% |
| सोने (Gold) में बचत करने वाले लोग | 40% |
| रियल एस्टेट में निवेश करने वाले लोग | 18% |
| भविष्य में बचत बढ़ाने का इरादा रखने वाले | 56% |
| पेंशन या लॉन्ग टर्म प्लान में पैसा जमा करने वाले | 24% |
रिपोर्ट के मुताबिक 92% लोगों ने कहा कि अगर उन्हें बेहतर सुविधाएं और प्रोत्साहन मिले, तो वे और ज़्यादा बचत करेंगे। साथ ही 77% लोगों का मानना है कि फिलहाल उनके पास बचत के सीमित विकल्प मौजूद हैं। अब UAE की कंपनियाँ भी टैलेंट को रोकने के लिए कर्मचारियों को बेहतर फाइनेंशियल बेनिफिट्स देने पर ध्यान दे रही हैं।
