अरब और खाड़ी देशों के लिए आने वाला समय बहुत मुश्किल हो सकता है. UAE के फेडरल नेशनल काउंसिल (FNC) के स्पीकर Saqr Ghobash ने साफ कहा है कि इस वक्त पूरा इलाका एक नाजुक मोड़ पर खड़ा है. अगर अब सुरक्षा और स्थिरता पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले समय में बड़ी दिक्कतें हो सकती हैं.

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सुरक्षा और संप्रभुता पर बड़ा जोर

यह बात Saqr Ghobash ने Arab Inter-Parliamentary Union की 39वीं वर्चुअल मीटिंग के दौरान कही. इस मीटिंग की अध्यक्षता सऊदी अरब की शुरा काउंसिल के स्पीकर Sheikh Dr. Abdullah bin Mohammed Al-Sheikh ने की थी. Ghobash ने कहा कि इस वक्त अरब क्षेत्र को एक ऐसे सुरक्षा सिस्टम की जरूरत है जहां हर देश की संप्रभुता का सम्मान हो और कोई भी देश दूसरे के अंदरूनी मामलों में दखल न दे.

खाड़ी देशों के शहरों पर खतरा

उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि खाड़ी देशों के शहरों और आम नागरिकों की सुविधाओं को निशाना बनाना पूरे इलाके की सुरक्षा और विकास के लिए खतरा है. उन्होंने मांग की कि आम लोगों और जरूरी बुनियादी ढांचे को बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मदद मिलनी चाहिए ताकि देशों की सुरक्षा बनी रहे.

UAE का शांति और विकास का रास्ता

Saqr Ghobash ने बताया कि UAE और GCC के अन्य सदस्य देश हमेशा बातचीत और शांति के जरिए विवादों को सुलझाने की कोशिश करते हैं. उनका मानना है कि जब तक स्थिरता नहीं होगी, तब तक तरक्की और खुशहाली नहीं आ सकती. उन्होंने साफ किया कि राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा करना एक ऐसा कर्तव्य है जिस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता.

फिलिस्तीन और समुद्री रास्तों की सुरक्षा

UAE ने एक बार फिर फिलिस्तीन के मुद्दे पर अपना पुराना और मजबूत स्टैंड दोहराया है. उन्होंने कहा कि UAE फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों का समर्थन करता है और चाहता है कि 1967 की सीमाओं के आधार पर एक स्वतंत्र फिलिस्तीन बने, जिसकी राजधानी पूर्वी जेरूसलम हो. इसके अलावा, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों और ऊर्जा की सप्लाई को सुरक्षित रखने और सीमा पार चलने वाले सशस्त्र समूहों से निपटने की जरूरत पर भी जोर दिया.