Palestine मुद्दे पर UAE का बड़ा बयान, Saqr Ghobash ने दुनिया की हिचकिचाहट पर उठाए सवाल, कहा अब समाधान ज़रूरी
तुर्की के इस्तांबुल में चल रहे 152वें इंटर-पार्लियामेंटरी यूनियन (IPU) सम्मेलन में UAE के फेडरल नेशनल काउंसिल (FNC) के स्पीकर Saqr Ghobash ने फिलिस्तीन के मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि दुनिया को पता है कि सही क्या है, लेकिन इसे लागू करने की इच्छाशक्ति की कमी दिख रही है। उन्होंने फिलिस्तीन के लोगों के हक और क्षेत्र में शांति के लिए दुनिया से ठोस कदम उठाने की मांग की।
Saqr Ghobash ने क्या मुख्य बातें कहीं?
Saqr Ghobash ने साफ तौर पर कहा कि फिलिस्तीन के मुद्दे पर सिद्धांतों और अंतरराष्ट्रीय इच्छाशक्ति के बीच एक बड़ी खाई बन गई है। उन्होंने UAE के पुराने और मजबूत स्टैंड को दोहराते हुए कहा कि पूरे इलाके में स्थिरता के लिए ‘टू-स्टेट सॉल्यूशन’ ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने मांग की कि 4 जून 1967 की सीमाओं के आधार पर एक स्वतंत्र फिलिस्तीन राज्य बने और पूर्वी यरूशलेम उसकी राजधानी हो। इसके अलावा उन्होंने गाजा में हो रही तबाही, भूख और लोगों की मौतों पर गहरा दुख जताया।
सम्मेलन में अन्य देशों का क्या रुख रहा?
इस मीटिंग में कई अन्य देशों के नेताओं ने भी हिस्सा लिया और अपनी राय रखी। तुर्की के स्पीकर Numan Kurtulmuş ने गाजा की स्थिति को मानवता के लिए एक बड़ी परीक्षा बताया और कहा कि मानवीय कानूनों को सबके लिए एक समान होना चाहिए। वहीं गयाना की मंत्री Dr. Vindhya Persaud ने गाजा में मानवीय मदद बढ़ाने और नाकाबंदी हटाने की बात कही। पाकिस्तान के नेशनल असेंबली स्पीकर ने भी संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के आधार पर एक स्वतंत्र फिलिस्तीन राज्य बनाने का समर्थन किया।
सम्मेलन से जुड़ी अहम जानकारियां
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तारीख | 18 अप्रैल 2026 |
| स्थान | इस्तांबुल, तुर्की |
| मुख्य आयोजन | 152वां IPU असेंबली |
| मेजबान | तुर्की की ग्रैंड नेशनल असेंबली |
| शामिल देश | 155 देश (800 प्रतिनिधि) |
| मुख्य मांग | 1967 की सीमा के साथ स्वतंत्र फिलिस्तीन राज्य |