संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, जॉर्डन, तुर्की, मिस्र, इंडोनेशिया, पाकिस्तान और कतर के विदेश मंत्रियों ने एक साझा बयान जारी किया है। इन देशों ने यरूशलेम में मुसलमानों और ईसाइयों की धार्मिक स्वतंत्रता पर इजरायल द्वारा लगाई गई पाबंदियों की कड़े शब्दों में निंदा की है। 31 मार्च 2026 को जारी इस बयान में धार्मिक स्थलों पर जाने से रोकने के फैसलों को गलत बताया गया है और इसे तुरंत हटाने की मांग की गई है।

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किन देशों ने मिलकर उठाई आवाज?

इस साझा बयान में खाड़ी देशों के साथ-साथ कई अन्य देशों के विदेश मंत्री शामिल हुए जिन्होंने मिलकर इजरायल के रुख का विरोध किया है। इन देशों की सूची नीचे दी गई है:

  • United Arab Emirates (UAE)
  • Kingdom of Saudi Arabia
  • Hashemite Kingdom of Jordan
  • State of Qatar
  • Republic of Türkiye
  • Arab Republic of Egypt
  • Republic of Indonesia
  • Islamic Republic of Pakistan

इन सभी देशों ने यरूशलेम में चल रही मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता जाहिर की है। इनका कहना है कि किसी भी समुदाय को उनके पवित्र स्थल पर जाने से रोकना मानवाधिकारों का उल्लंघन है।

क्या है पूरा मामला और किन पाबंदियों पर है विवाद?

यह पूरा मामला यरूशलेम में स्थित पवित्र धार्मिक स्थलों पर प्रवेश से जुड़ा है। साझा बयान में विशेष रूप से अल-अक्सा मस्जिद (Al-Aqsa Mosque) का जिक्र किया गया है, जहाँ मुस्लिम नमाजियों को जाने से रोका गया। इसके अलावा ईसाई समुदाय के लिए भी मुश्किलें पैदा की गईं।

बयान में बताया गया कि लैटिन पैट्रिआर्क और पवित्र भूमि के कस्टोस को पाम संडे मास (Palm Sunday Mass) मनाने के लिए चर्च ऑफ द होली सेपल्चर (Church of the Holy Sepulchre) में प्रवेश करने से मना किया गया। इन देशों ने कहा कि इस तरह की रुकावटें किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं हैं और इजरायल को धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए। खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनके धार्मिक स्थलों से जुड़ी भावनाओं और क्षेत्रीय सुरक्षा पर सीधा असर डालती है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.