मिडल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव को देखते हुए UAE, Saudi Arabia और Egypt ने अपनी सुरक्षा और कूटनीतिक कोशिशों को काफी तेज कर दिया है। मिस्र के राष्ट्रपति Abdel Fattah el-Sisi ने हाल ही में खाड़ी देशों का दौरा कर क्षेत्रीय नेताओं से मुलाकात की और सुरक्षा मामलों पर चर्चा की है। इस दौरान मिस्र ने साफ तौर पर कहा कि वह ईरान की ओर से होने वाली किसी भी आक्रामक कार्रवाई के खिलाफ खाड़ी देशों के साथ मजबूती से खड़ा है।

सुरक्षा और सैन्य सहयोग के लिए उठाए गए बड़े कदम

सऊदी अरब और UAE ने ईरान के संभावित खतरों से निपटने के लिए अपनी सैन्य तैयारी बढ़ा दी है। सऊदी अरब ने ताइफ में स्थित King Fahd Air Base को अमेरिकी सेना के इस्तेमाल के लिए खोलने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही कुवैत और सऊदी अरब की एयर डिफेंस प्रणालियां लगातार सक्रिय हैं और सीमाओं पर होने वाले ड्रोन हमलों को नाकाम कर रही हैं। क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए NATO ने भी खाड़ी देशों के प्रति अपना समर्थन जाहिर किया है।

सऊदी अरब और मिस्र के बीच नए कूटनीतिक समझौते

सुरक्षा के अलावा दोनों देशों ने अपने आपसी रिश्तों को और बेहतर बनाने के लिए 20 मार्च 2026 को एक बड़ा समझौता किया है। रियाद में हुए इस समझौते के तहत सऊदी अरब और मिस्र के बीच सरकारी पासपोर्ट रखने वालों के लिए शॉर्ट-स्टे वीज़ा की जरूरत को खत्म कर दिया गया है। इससे दोनों देशों के बीच आधिकारिक यात्राएं आसान होंगी और आपसी सहयोग को और बल मिलेगा।

तारीख बड़ी घटना और अपडेट
21 मार्च 2026 मिस्र ने UAE और कुवैत की सुरक्षा के लिए पूर्ण एकजुटता जताई
20 मार्च 2026 सऊदी अरब और मिस्र के बीच वीज़ा छूट समझौता हुआ
19 मार्च 2026 NATO ने ईरान के खिलाफ खाड़ी देशों को अपना समर्थन दिया
16 मार्च 2026 सऊदी एयर डिफेंस ने पूर्वी क्षेत्र में 37 ड्रोन मार गिराए
11 मार्च 2026 कुवैती रक्षा मंत्री ने सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com