संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सऊदी अरब की सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर नशीली दवाओं की तस्करी के एक बहुत बड़े प्रयास को नाकाम कर दिया है। दोनों देशों की पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने मिलकर एक संयुक्त अभियान चलाया जिसमें 2,67,300 एम्फ़ैटेमिन गोलियों को ज़ब्त किया गया है। इस कार्रवाई के दौरान तस्करी में शामिल एक गिरोह के सभी सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है जो एक अरब देश के नागरिक बताए जा रहे हैं।
कैसे हुआ इस बड़े तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़?
यह बड़ी कामयाबी दोनों देशों के बीच बेहतर खुफिया जानकारी साझा करने की वजह से मिली है। यूएई की नेशनल एंटी-नारकोटिक्स अथॉरिटी और दुबई पुलिस ने सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय के नशीली दवा नियंत्रण महानिदेशालय (GDNC) के साथ मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। अधिकारियों को इस शिपमेंट के बारे में पहले ही गुप्त सूचना मिल गई थी, जिसके बाद जाल बिछाकर नशीली दवाओं को बांटने से पहले ही पूरी खेप को पकड़ लिया गया और आरोपियों को दबोच लिया गया।
कार्रवाई को लेकर अधिकारियों ने क्या कहा?
यूएई की नेशनल एंटी-नारकोटिक्स अथॉरिटी ने बताया कि इस तरह की आपराधिक साजिशों को समय से पहले रोकना दोनों देशों के बीच आपसी तालमेल और कड़ी निगरानी का नतीजा है। वहीं सऊदी अरब के सुरक्षा अधिकारियों ने साफ किया है कि वे युवाओं और समाज को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे अपराधियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेंगे। पकड़े गए सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यूएई और सऊदी अरब ने मिलकर कितनी नशीली गोलियां पकड़ी हैं?
सुरक्षा बलों ने संयुक्त कार्रवाई में कुल 2,67,300 एम्फ़ैटेमिन (amphetamine) नशीली गोलियों की बड़ी खेप को ज़ब्त किया है।
पकड़े गए तस्कर किस देश के रहने वाले हैं?
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह के गिरफ्तार किए गए सभी सदस्य एक अरब देश के नागरिक हैं जिन्हें नशीली दवाओं को बाजार में फैलाने से पहले ही दबोच लिया गया।
