संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईद अल अज़हा से पहले गाजा के जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। इस मानवीय अभियान के तहत यूएई ने ऑपरेशन गैलेंट नाइट 3 के जरिए 930 टन से अधिक की राहत सामग्री गाजा के लिए भेजी है। इस विशाल सहायता खेप को 60 ट्रकों में भरकर चार बड़े राहत काफिलों के माध्यम से गाजा के पीड़ित लोगों तक पहुंचाया गया है, ताकि कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे परिवारों और बच्चों के चेहरे पर त्योहार के मौके पर खुशी लाई जा सके।

इस बड़ी राहत सामग्री में गाजा के लोगों के लिए क्या-क्या भेजा गया है?

इस सहायता अभियान के तहत भेजे गए 60 ट्रकों में भोजन सामग्री, रोजमर्रा का जरूरी सामान और नए कपड़े शामिल हैं। ईद के त्योहार को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं और पुरुषों के लिए कपड़े भेजे गए हैं। एमिरेट्स रेड क्रेसेंट की तरफ से करीब 540 टन नए कपड़े इस खेप में शामिल किए गए ताकि फिलिस्तीनी परिवारों को त्योहार के दिन थोड़ी खुशी मिल सके। यह पूरी सहायता सामग्री मिस्र के अल अरीश में बने यूएई के मानवीय लॉजिस्टिक्स केंद्र के रास्ते से गाजा पहुंचाई गई है।

ऑपरेशन गैलेंट नाइट 3 के जरिए अब तक कितनी मदद पहुंचाई जा चुकी है?

यूएई के इस खास मानवीय अभियान की शुरुआत नवंबर 2023 में हुई थी। आधिकारिक प्रवक्ता मोहम्मद अल-शरीफ के अनुसार, इस पूरे अभियान के तहत अब तक 1.23 लाख टन से अधिक की राहत सामग्री गाजा पहुंचाई जा चुकी है, जिसकी कुल कीमत 3.1 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है। इस अभियान में इंटरनेशनल चैरिटी ऑर्गनाइजेशन और दार अल बेर सोसायटी जैसी संस्थाएं भी पूरा सहयोग कर रही हैं। इसके अलावा, हाल ही में यूएई ने चार एम्बुलेंस और 40 टन मेडिकल सामान भी गाजा के स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए भेजा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ऑपरेशन गैलेंट नाइट 3 क्या है?

यह संयुक्त अरब अमीरात द्वारा नवंबर 2023 में शुरू किया गया एक मानवीय सहायता अभियान है, जिसका मुख्य उद्देश्य गाजा में संकट से प्रभावित लोगों को भोजन, चिकित्सा और अन्य जरूरी सामान पहुंचाना है।

गाजा के मरीजों के इलाज के लिए यूएई क्या व्यवस्था कर रहा है?

यूएई ने गाजा पट्टी के अंदर एक फील्ड अस्पताल स्थापित किया है जो अब तक 54,000 से अधिक मरीजों का इलाज कर चुका है। इसके साथ ही मिस्र के अल अरिश तट पर एक फ्लोटिंग अस्पताल भी चल रहा है, जहां 24,000 से अधिक लोगों का इलाज हुआ है।