भारत की राजधानी नई दिल्ली में 13वें BRICS अर्बन फोरम का आयोजन हुआ, जिसमें UAE ने अपनी खास मौजूदगी दर्ज कराई। UAE के ऊर्जा और बुनियादी ढांचा मंत्रालय (MoEI) ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया और दुनिया को बताया कि वह भविष्य के शहरों को कैसे बसा रहा है। इस फोरम का मुख्य मकसद लोगों के लिए ऐसे शहर बनाना था जो मजबूत हों और जहाँ सबके लिए बराबर सुविधाएँ हों।

UAE के इस प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई MoEI के असिस्टेंट अंडर-सेक्रेटरी शेख नासिर बिन माजिद अल कासिमी ने की। उनके साथ शहरी नियोजन विभाग के डायरेक्टर डॉ. इंजीनियर सैफ अल काइदी और लैंड ट्रांसपोर्ट अफेयर्स विभाग के डायरेक्टर इंजीनियर मोहम्मद फिकरी भी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान शेख अल कासिमी ने UAE का नेशनल स्टेटमेंट पढ़ा और बताया कि देश ने आर्थिक विकास, पर्यावरण और लोगों की सुख-सुविधाओं के बीच एक सही संतुलन बनाया है।

UAE ने बताया कि वह अपने शहरों को “We the UAE 2031” विजन के तहत तैयार कर रहा है। इसके लिए सरकार डिजिटल बदलाव और नई तकनीक का इस्तेमाल कर रही है ताकि शहर भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सकें। UAE ने अपनी ‘नेशनल अर्बन ऑब्जर्वेटरी’ के बारे में भी जानकारी दी, जो एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो डेटा के जरिए शहरों के विकास की निगरानी करता है और बुनियादी ढाँचे के निवेश को बेहतर बनाता है।

फोरम के एक पैनल डिस्कशन में डॉ. इंजीनियर सैफ अल काइदी ने हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि UAE किस तरह Geographic Information Systems (GIS) और अन्य शहरी इंडिकेटर्स का इस्तेमाल कर रहा है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलती है कि शहर में सरकारी सुविधाएँ और बुनियादी ढांचा सही तरीके से बँटा है या नहीं, ताकि हर नागरिक को बराबर सुविधा मिल सके।

इस आयोजन के दौरान UAE के प्रतिनिधिमंडल ने रूस के अधिकारियों के साथ भी एक खास बैठक की। दोनों देशों ने स्मार्ट सिटी बनाने, डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल और शहरी नियोजन के क्षेत्र में एक-दूसरे के अनुभव साझा करने पर बात की।

फोरम के अंत में सभी BRICS देशों ने एक साझा घोषणा पत्र जारी किया, जिसमें टिकाऊ शहरी विकास और इनोवेशन के लिए मिलकर काम करने की बात कही गई। साथ ही, सदस्य देशों के बीच जानकारी और रिसर्च को साझा करने के लिए BRICS Urban Research and Knowledge Network नाम का एक नया प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया गया।