UAE सरकार ने बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। अब 15 साल से कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया पर अपना अकाउंट नहीं बना सकेंगे और न ही उसे चला पाएंगे। यह नियम पूरे अरब क्षेत्र में अपनी तरह का पहला कदम है, जिसका मकसद बच्चों को इंटरनेट के खतरों से बचाना और उनकी सेहत का ख्याल रखना है।

UAE कैबिनेट ने 18 जून 2026 को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। यह नियम ‘फेडरल डिक्री-लॉ नंबर 26 ऑफ 2025’ (चाइल्ड डिजिटल सेफ्टी) के तहत लाया गया है, जो 1 जनवरी 2026 से लागू हो चुका है। इस कानून के आने से अब सोशल मीडिया कंपनियों को अपनी नीतियों में बड़े बदलाव करने होंगे।

नियमों की मुख्य बातें

  • उम्र की सीमा: 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए पर्सनल सोशल मीडिया अकाउंट बनाना या चलाना पूरी तरह मना है।
  • माता-पिता की सहमति: इस नियम में माता-पिता की अनुमति का कोई विकल्प नहीं है, यानी पेरेंट्स के कहने पर भी 15 साल से छोटे बच्चे अकाउंट नहीं चला पाएंगे।
  • उम्र की जाँच: अब कंपनियां सिर्फ यूज़र के दावे पर भरोसा नहीं करेंगी। उम्र की सही पहचान के लिए डिजिटल आईडी और बायोमेट्रिक टूल्स का इस्तेमाल करना होगा।
  • प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी: फेसबुक, X, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और टिकटॉक जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स को 12 महीने के अंदर इन नियमों को लागू करना होगा। गलत अकाउंट्स को तुरंत बंद करना होगा।

जुर्माना और निगरानी

जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इस कानून का पालन नहीं करेंगे, उन्हें सरकार की तरफ से चेतावनी दी जाएगी। नियमों को अनदेखा करने पर उनकी सर्विस को आंशिक या पूरी तरह ब्लॉक किया जा सकता है और उन पर प्रशासनिक जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

इसके साथ ही, बच्चों के डिजिटल व्यवहार की निगरानी करने की कानूनी जिम्मेदारी अब उनके अभिभावकों और देखभाल करने वालों की होगी। उन्हें बच्चों को सुरक्षित ऑनलाइन तौर-तरीकों के बारे में सिखाना होगा।

15 और 16 साल के बच्चों के लिए नियम

जिन बच्चों की उम्र 15 और 16 साल है, वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर सकेंगे, लेकिन उनके लिए कुछ कड़े सुरक्षा उपाय होंगे। इनमें उम्र के हिसाब से कंटेंट सेटिंग्स, अनजान लोगों से बात करने पर रोक और स्क्रीन टाइम का मैनेजमेंट शामिल होगा। साथ ही, कंपनियों को बच्चों के पर्सनल डेटा का इस्तेमाल विज्ञापनों या कमर्शियल काम के लिए करने से रोक दिया गया है।

इस पूरे सिस्टम की निगरानी National Media Authority (NMA) और Telecommunications and Digital Government Regulatory Authority (TDRA) करेंगे। वहीं, Child Digital Safety Council जोखिमों का आकलन और समन्वय करने का काम संभालेगी।

स्कूल के प्रिंसिपल्स और माता-पिता ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे बच्चों की इंटरनेट पर निर्भरता कम होगी और उनका बचपन सुरक्षित रहेगा।